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तीन तलाक विधेयक पर चर्चा से पहले सदन में घमासान, हंगामा है क्यों बरपा? देखें LIVE UPDATE

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

शाम 07:05 बजे - लोकसभा ने ट्रिपल तलाक बिल को 245 Ayes, 11 Noes के साथ पारित किया. सदन स्थगित कर दिया गया है.

शाम 07:00 बजे - प्रेमचंद्रन, असदुद्दीन ओवैसी, बीजेडी के भर्तृहरि महताब द्वारा संशोधन की मांग की गई.

शाम 06:38 बजे - ट्रिपल तालक विधेयक के विचार के लिए प्रस्ताव को अपनाया गया है.

शाम 06:36 बजे - कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''हर कोई जेपीसी की मांग कर रहा है''

कांग्रेस जेपीसी की मांग रखने के बाद बाहर चली गई. AIADMK ने भी सदन से वॉक आउट कर दिया.

शाम 06:30 बजे - लोकसभा ने एन के प्रेमचंद्रन द्वारा चलाए गए वैधानिक प्रस्ताव पर मतदान किया और इसे नकार दिया.

शाम 06:24 बजे - रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री (अध्यादेश पारित करने पर): क्या हम तब तक महिलाओं को अन्याय का सामना करने देंगे जब तक हमारे पास बिल नहीं था?

''मुझे कोई ठोस सुझाव नहीं मिला. सांसदों ने केवल इस मुद्दे को उठाया और हमें इसे कम करने के लिए कहा''

शाम 06:22 बजे - केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम नारी शक्ति को समझते हैं. हम अपने देश में महिला सशक्तिकरण चाहते हैं. विधेयक के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है.

शाम 06:20 बजे - रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस्लामिक स्टेट ने भी ट्रिपल तालक को वैध बनाया और कुछ परिस्थितियों में इसके अपराधीकरण की अनुमति दी. यहां तक ​​कि पाकिस्तान ट्रिपल तालक का अपराधीकरण करने पर विचार कर रहा है.

शाम 06:16 बजे - रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विधेयक रखरखाव पर निर्णय लेने के लिए मजिस्ट्रेट को शक्ति देता है. मजिस्ट्रेट भी पीड़िता की सुनवाई के बाद ही जमानत पर फैसला करेगा.

शाम 05:59 बजे - असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनके पास मुस्लिम महिला के लिए कोई मानवता नहीं है. वे सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. शायरा बानो अब बीजेपी में हैं. आपने उसके लिए क्या किया? कृपया हमें बताएँ. अब एमजे अकबर कहां हैं? उन्होंने इस संसद में ट्रिपल तालक पर एक व्याख्यान दिया था. अगर कोई आदमी किसी दुर्घटना में किसी को मार देता है तो उसे दो साल की जेल होगी. लेकिन ट्रिपल तालक बिल में दोषी पाए गए व्यक्ति को तीन साल की जेल होगी.

दोपहर 03:45 बजे - केंद्रीय मंत्री, मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट को कमजोर करने के लिए कट्टरपंथियों के प्रभाव में (1986) कानून बनाया'

दोपहर 03:42 बजे - AITC सांसद, सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि महिलाओं को भरण-पोषण प्रदान करने वाले व्यक्ति का सवाल है कि क्या वो सलाखों के पीछे है. इसलिए ये विधेयक महिलाओं के जीवन को खराब करेगा.

दोपहर 03:40 बजे - तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप ने कहा कि हम विधेयक के अपराधीकरण का विरोध करते हैं. ये अत्यधिक और मनमाना है. क्या संसद ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के लिए कानून पारित किया?

दोपहर 03:38 बजे - सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि तात्कालिक तालक को मुस्लिम समुदाय द्वारा बड़े पैमाने पर पाप माना जाता है और मुझे लगता है कि यह सोच सकारात्मक दिशा में है. लेकिन ट्रिपल तालाक बिल से जनता के एक बड़े वर्ग की सामाजिक सुरक्षा को खतरा है.

दोपहर 15:30 बजे - ए अनवर रजा, AIADMK सांसद ने कहा कि इस बिल की कोई जरूरत नहीं. ये केवल महिलाओं के लिए मुसीबत है. वे सड़क पर भीख मांगने के लिए मजबूर होंगी जब उनके पति जेल में होंगे. मुस्लिम पुरुषों और समुदाय को परेशान करने के लिए ये एक बर्बर बिल है. विधेयक अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है. या तो इस बिल को टाल दें या इसे सेलेक्ट कमेटी के हवाले कर दें.

दोपहर 15:10 बजे - मीनाक्षी लेखी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सशक्त बनाने के लिए इस विधेयक को लाना महत्वपूर्ण था. विधेयक के आपराधिक पहलू के संबंध में, हमारे पास इसमें जमानत का प्रावधान है. विधेयक का उद्देश्य दंडात्मक, पुनर्स्थापनात्मक और सुधारवादी है.

दोपहर 15:04 बजे - मीनाक्षी लेखी ने कहा कि खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली पार्टी धर्म का दुरुपयोग कर रही है.

दोपहर 15:00 बजे - बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि ट्रिपल तालक बिल का विरोध करने वालों से यहां पूछना चाहेंगे कि पवित्र कुरान की किस सुरा में तारक-ए-बिद्दत का उल्लेख है? ये मानव अधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे हैं.

दोपहर 02:56 बजे - मीनाक्षी लेखी, बीजेपी सांसद ने कहा, राजीव गांधी द्वारा लाया गया कानून तुष्टिकरण की राजनीति थी. ये सशक्तीकरण के लिए नहीं था.

दोपहर 02:52 बजे - मीनाक्षी लेखी ने कहा कि धार्मिक कानून नागरिक कानूनों से अलग हैं. सरकार महिलाओं के नेतृत्व वाले सशक्तिकरण के बारे में बोल रही है. हम महिला सशक्तिकरण के लिए 50 ऐसी योजनाएं ला रहे हैं.

दोपहर 02:45 बजे - कांग्रेस की सुष्मिता देव ने कहा कि ये विधेयक मुस्लिम महिलाओं को सशक्त नहीं करता है, ये मुस्लिम पुरुषों का अपराधीकरण करता है.

''आप एक मुस्लिम महिला को ट्रिपल तालक के जगह पर एक आपराधिक मामले के अलावा कुछ नहीं दे रहे हैं.

दोपहर 02:40 बजे - कांग्रेस की सुष्मिता देव ने कहा, ''सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तालक पर अपने फैसले में अधिनियम के अपराधीकरण के लिए नहीं कहा है''

दोपहर 02:35 बजे - कांग्रेस की सुष्मिता देव ने कहा कि विधेयक का अपराधीकरण शायरा बानो मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है.

''यदि ये महिलाओं के सम्मान के बारे में है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन हमें मुह में राम, बगल में छुरी पर आपत्ति है. इसलिए हम चाहते हैं कि विधेयक को संयुक्त चयन पैनल के पास भेजा जाए.

दोपहर 02:28 बजे - कांग्रेस चाहती है कि विधेयक को जॉइंट सेलेक्ट पैनल के पास भेजा जाए.

दोपहर 14:25 बजे - एनके प्रेमचंद्रन, कोल्लम से RSP सांसद ने कहा कि इस बिल और अध्यादेश का विरोध करें. मैं बिल का कड़ा विरोध करता हूं. केवल वे राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं और कुछ नहीं. इस बिल के पीछे एक राजनीतिक मकसद है.

दोपहर 14:19 बजे - केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम किसी के प्रति पक्षपाती नहीं हैं. हमने सबकी बात सुनने के बाद बिल में संशोधन किया. कांग्रेस ने दिसंबर में बिल का समर्थन किया. उन्होंने उस दौरान चयन समिति के संबंध में कुछ नहीं कहा था. भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है. यहां इस बिल का विरोध क्यों? हमने सबकी बात सुनने के बाद बिल में संशोधन किया है. संसद को पीड़ितों की बात सुनने की जरूरत है. ये जरूरी है.

''मैं अपील करना चाहता हूं कि कई मामलों पर संसद एकजुट होती है. तो आज क्यों नहीं? इस मामले को राजनीतिक चश्मे से न देखें. ये पीड़ितों के बारे में है. कृपया एकजुट हों. मैं हर सुझाव को सुनने के लिए तैयार हूं.''

दोपहर 14:12 बजे - मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बोला कि ये एक महत्वपूर्ण बिल है. हम किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं हैं. यह बिल मानवता के लिए है. खड़गे-जी ने कहा कि हम 27 तारीख को बहस करेंगे और आज हम इस पर बहस करना चाहते हैं.

दोपहर 14:09 बजे - नरेंद्र सिंह तोमर, संसदीय कार्य मंत्री बोलें, ''बिल महत्वपूर्ण है. हमें इस बिल के महत्व को समझने की जरूरत है. पिछली बार भी मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि हम 27 तारीख को इसकी चर्चा करेंगे. तो कृपया आज एक बहस करें.''

दोपहर 14:08 बजे - असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने किसी भी हितधारकों से परामर्श नहीं किया है. हम अनुरोध कर रहे हैं कि इसे संयुक्त चयन समिति को भेजा जाए.

दोपहर 14:05 बजे - ट्रिपल तालाक विधेयक पर बहस शुरू होते ही लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि इसकी सिफारिश एक जॉइंट सेलेक्ट पैनल से की जानी चाहिए.

दोपहर 12:46 बजे - RSS के इंद्रेश कुमार ने कहा कि ट्रिपल तालाक इस्लाम में एक अपराध है. अगर राजनीतिक दल इस बिल का विरोध कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वे महिलाओं के खिलाफ हैं. बिल पास होना चाहिए.

12:20 बजे - "सीपीआई (एम) की वृंदा करात ने रिपब्लिक टीवी को बताया: "ये बिल मुस्लिम महिलाओं का मज़ाक उड़ाता है क्योंकि उनके पास इसे बचाने के लिए कुछ भी नहीं है. ये अत्यधिक राजनीतिक रूप से प्रेरित और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए है."

"सीपीआई (एम) इस बिल के पूरी तरह से खिलाफ है क्योंकि इस बिल के तहत कोई वित्तीय सुरक्षा नहीं है"

12:02 बजे - सूत्रों के अनुसार, दोपहर 2 बजे ट्रिपल तालक पर चर्चा होगी

12:01 बजे - AAP सांसद भगवत सिंह मान ने कहा कि हम लाए गए संशोधनों को देखेंगे. हम महिलाओं के समान अधिकारों के लिए हैं.

12:00 बजे - सदन की कार्यवाही शुरू विपक्ष के हंगामे के बीच चर्चा जारी.

11:20 बजे - तीन तलाक पर चर्चा से पहले राफेल मामले पर विपक्ष के हंगामे को लेकर लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई.

11:10 बजे - प्रश्न काल के दौरान ही राफेल मामले पर सदन में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया, विपक्षी नेता वेल में उतरा गए जिसके बाद स्पीकर ने कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी.

10:46 बजे - तीन तलाक बिल पर सदन में चर्चा के मामले पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने बोला कि हम चर्चा में भाग जरूर लेंगे और अपना मत सामने रखेंगे. हमारी सरकार से अपील है कि धार्मिक मामलों में दखलअंदाजी न करें.

10:43 बजे - सरकार द्वारा पेश किए गए नए बिल में पति-पत्नी के बीच समझौते का प्रावधान मौजूद, तत्काल तिहरा तलाक गैरजमानती अपराध बना रहेगा.

बुधवार को ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी पेशबंदी शुरू कर दी थी. उसके नुमाइंदों ने विभिन्न राजनीतिक दलों से मुलाकात करके संसद में इस विधेयक का समर्थन ना करने की अपील की थी.

बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने बुधवार को बताया था कि तीन तलाक रोधी विधेयक को मुस्लिम समुदाय से विचार-विमर्श किए बगैर तैयार किया गया है, लिहाजा इसमें कई गंभीर खामियां हैं. इसे मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

गौरतलब है कि इससे पहसे कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पिछले हफ्ते सदन में तीन तलाक बिल पर चर्चा की बात पर कहा था, 'मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस विधेयक पर 27 दिसंबर को चर्चा कराइए. हम सभी इसमें हिस्सा लेंगे. हमारी पार्टी और अन्य पार्टियां भी चर्चा के लिए तैयार हैं.’

लोकसभा में तीन तलाक बिल पर आज चर्चा होगी, 17 दिसंबक को संसद में विधेयक पेश किया गया था.

विधेयक पेश करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से गैरकानूनी करार दिए जाने के बावजूद तीन तलाक की प्रथा नहीं रुक रही है.

इसके साथ ही मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर रविशंकर प्रसाद ने जवाब देते हुए कहा था, ‘खड़गे जी ने सार्वजनिक वादा किया है और हमें 27 दिसंबर को चर्चा कराने में कोई समस्या नहीं है. मैं अनुरोध करता हूं कि चर्चा खुशनुमा और शांतिपूर्ण माहौल में हो.’

बता दें, सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने इस बीच अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है. इसके जरिए सभी सांसदों से कहा गया है कि वे सदन में मौजूद रहें. इस पर वोटिंग होने की भी संभावना है. साथ ही सदस्यों से इस आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है.

कुछ दलों के विरोध के मद्देनजर सरकार ने जमानत के प्रावधान सहित कुछ संशोधनों को मंजूरी प्रदान की थी ताकि राजनीतिक दलों में विधेयक को लेकर स्वीकार्यकता बढ़ सके.

तीन तलाक को दंडात्मक अपराध घोषित करने वाला ये विधेयक बीते 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था. ये तीन तलाक से संबंधित अध्यादेश के जगह पर लाया गया है. इस प्रस्तावित कानून के तहत एक बार में तीन तलाक देना गैरकानूनी और अमान्य होगा और इसके लिए तीन साल तक की सजा हो सकती है.
 

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