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'बंगले' पर बिहार में बवाल, तेजस्वी ने CM नीतीश के खिलाफ उगला ज़हर

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

बंगला, बिहार और बवाल... बिहार की राजनीति में फिलहाल का हाल कुछ ऐसा ही है. बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के सरकारी आवास को बुधवार को खाली कराने की कवायद को जिला प्रशासन ने अदालत में मामला दर्ज होने की बात सामने आने के बाद स्थगित कर दिया.

पटना उच्च न्यायालय की एकल खंडपीड के आदेश के बाद जिला प्रशासन की एक टीम आज सुबह 5 देशरत्न मार्ग स्थित यादव के सरकारी आवास को खाली कराने पहुंची थी. लेकिन यादव के वकील से मिली जानकारी के बाद ये कार्रवाई रोक दी गई.

उच्च न्यायालय की एकल खंडपीड के आदेश के खिलाफ उन्होंने दोहरी खंडपीठ में याचिका दायर की है.

घटना से नाराज तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर खुद एक से अधिक बंगला रखने और उनके सहयोगियों पर अनधिकृत तौर पर बंगला पर कब्जा करने का आरोप लगाया. प्रशासन के पहुंचने पर RJD के विधायकों और नेताओं ने इसका विरोध किया और वे आवास के बाहर धरने पर बैठ गए.

गौरतलब है कि RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव को ये आवास उपमुख्यमंत्री रहते हुए आवंटित हुआ था लेकिन बाद में NDA सरकार बनने पर इसे नए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को दे दिया गया. नेता प्रतिपक्ष यादव आवास खाली करने की घटना के समय दिल्ली में थे.

बाद में वहां पहुंचने पर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वे प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था सहित अन्य मामलों पर चुप्पी साधे हुए हैं.

उन्होंने कहा विपक्ष का काम सरकार की कमियों को गिनाना है और ऐसा करने पर मुख्यमंत्री को उनके प्रति अपने मन में इतना 'जहर' और 'गुस्सा' नहीं रखना चाहिए कि उसका बदला कभी आवास के पास निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाकर अथवा उनके आवास को खाली कराने की कार्रवाई का सहारा लें.

तेजस्वी ने कहा कि आवास का मामला उच्च न्यायालय के दोहरी खंडपीठ के समक्ष विचाराधीन है जिसकी अगली सुनवाई आगामी 10 दिसंबर को होगी और अदालत के निर्णय से संतुष्ट नहीं होने पर वो सुप्रीम कोर्ट तक जा सकते हैं.

उन्होंने सत्ताधारी JDU के चार विधायकों, बिहार विधान परिषद के एक सदस्य और परिषद के पूर्व सदस्यों के मंत्री स्तर का बंगले पर कब्जा करने का आरोप लगाया है. उन्होंने दो विधान पार्षद के मिले सरकारी आवास को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह और सांसद आरसीपी सिंह को किराए पर देने का आरोप लगाया.

तेजस्वी ने नीतीश पर डरे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री की ओर से इस तरह की कार्रवाई की गई है.

तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेजप्रताप यादव ने इस मामले में कुमार पर आरोप लगाया कि वे प्रदेश में गिरती विधि व्यवस्था सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान देने के बजाए बदले की भावना से बंगला-बंगला का 'खेल' खेल रहे हैं

(इनपुट : भाषा)

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