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जेएनयू ने परिसर हमले की जांच के लिए पैनल का गठन किया : उपकुलपति

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति एम. जगदीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि पांच जनवरी को परिसर में हुए हमले में सुरक्षा चूक की जांच और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुझाव हासिल करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।

कुमार ने न्यूज एजेंसी से कहा कि अगर सुरक्षा में कोई चूक हुई है तो समिति उसकी जांच करेगी।

गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में रविवार कुछ नकाबपोशों ने परिसर में प्रवेश कर छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था। बाद में प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा था।

इसमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 35 लोग घायल हो गए थे।

कुलपती ने कहा जेएनयू ने पांच जनवरी को हुए हमले के दौरान सुरक्षा में चूक की जांच करने और छात्रों की सुरक्षा के लिए सुझाव देने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया ।

इधर जेएनयू छात्रों और शिक्षकों के मार्च के मद्देनजर बृहस्पतिवार मंडी हाउस पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

जेएनयू परिसर में पांच जनवरी के नकाबपोश हमले की घटना के मद्देनजर विश्वविद्यालय के कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक मार्च निकाल रहे हैं, जिसे लेकर कुछ छात्रों ने वहां एकत्रित होना शुरू कर दिया है। पांच जनवरी के हमले में करीब 35 लोग घायल हुए थे।

वहीं झारखंड विधानसभा ने बुधवार को भाजपा के जबर्दस्त विरोध के बीच प्रस्ताव पारित कर जामिया मिल्लिया इस्लामिया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में छात्रों पर कथित बर्बर हमले एवं आक्रमण पर चिंता व्यक्त की।

विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता और राज्य के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने इस सिलसिले में प्रस्ताव पेश किया जिसका भाजपा के सभी सदस्यों ने ने जबर्दस्त विरोध किया।

भाजपा विधायक इस प्रस्ताव के विरोध में अध्यक्ष के आसन के सामने भी आ गये, लेकिन उनके विरोध को दरकिनार कर जब सत्ताधारी पक्ष ने बिना किसी चर्चा के इस प्रस्ताव को पारित कराने की कोशिश की तो भाजपा के सभी सदस्यों ने वरिष्ठ भाजपा विधायक सीपी सिंह के नेतृत्व में विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया और वे सदन से बाहर चले गये।

भाजपा विधायकों के बहिर्गमन के बाद सदन ने बिना किसी चर्चा के ध्वनि मत से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया जिसमें कहा गया कि सदन इन बर्बर हमलों और आक्रमणों पर अपनी चिंता व्यक्त करता है।

प्रस्ताव में कहा गया कि यह सदन अपनी इस चिंता से भारत सरकार को अवगत कराने का प्रस्ताव पारित करता है।
 

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