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कर्नाटक में JDS-कांग्रेस सरकार ‘‘विकास मुक्त भ्रष्टाचार’’ चाहती है : मोदी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कर्नाटक में JDS-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर जोरदार हमला करते हुए उसपर अहंकारी रवैया अख्तियार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो केवल ‘‘विकास मुक्त भ्रष्टाचार’’ में दिलचस्पी रखती है.

उन्होंने राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के भागीदारों के बीच कथित खींचतान का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि कर्नाटक में सत्तासीन लोग म्यूजिकल चेयर का गेम खेल रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि एच. डी. कुमारस्वामी सरकार की कृषि कर्जमाफी, किसानों के साथ किया गया ‘सबसे क्रूर’ मजाक है. 

मोदी ने कहा कि किसी तरह सरकार बना लेने वाले लोग सोचते हैं कि वे किसी भी चीज से दूर हो सकते हैं, लेकिन जल्द ही लोग उन्हें ‘कुप्रशासन’ के लिए सबक सिखाएंगे.

मोदी ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए बीजेपी के कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘लोग भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चाहते हैं लेकिन कर्नाटक सरकार विकास मुक्त भ्रष्टाचार चाहती है.’’ 

बीजेपी के ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत वीडियो कांफ्रेंस के जरिए राज्य के बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं से संवाद में मोदी ने ये बातें कहीं.

सत्तारूढ़ गठबंधन के भागीदारों के बीच कथित खींचतान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं कर्नाटक के लोगों का दर्द समझ सकता हूं. हर दिन बस ये खबरें आती है कि कौन खुश है, कौन नाखुश. और किस लिए ? मंत्री के पद के लिए.’’ 

उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा कि जब सत्तासीन लोग जनता के कल्याण में रूचि नहीं रखते हैं तो ये हमारे कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि वे लोगों की आवाज बनें.’’

कृषि संकट और किसानों की खुदकुशी के बारे में बात करते हुए उन्होंने एच.डी कुमारस्वामी सरकार पर अहंकार में डूबे होने का आरोप लगाया.

राज्य सरकार के कृषि कर्ज माफी कार्यक्रम के लिए उस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कर्जमाफी के नाम पर उन्होंने जो किया वो इतिहास में सबसे क्रूर मजाक के तौर पर दर्ज होगा. सत्ता में छह महीने के बाद खबरें आई है कि कुछ ही किसानों को इसका फायदा होगा.

राज्य सरकार ने जुलाई में 44 हजार करोड़ रुपए की फसल कर्ज माफी की घोषणा की थी लेकिन इसके धीमे क्रियान्वयन पर भाजपा ने आलोचना की है.

राज्य सरकार ने हाल में संपन्न विधानसभा सत्र के दौरान स्वीकार किया था कि कार्यक्रम से केवल 800 किसानों को ही फायदा हुआ.

उन्होंने पूछा, ‘‘किसानों के लिए इन लोगों ने जो किया है, देशभर में घूम-घूमकर इसका श्रेय वे ले रहे हैं. क्या वे कर्नाटक में किसानों की खुदकुशी का भी दोष अपने सिर लेंगे?’’

मोदी ने हासन जिले में 17 महिलाओं और चार बच्चों सहित 52 लोगों से बंधुआ मजदूरी कराए जाने के मामले को लेकर भी कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए उसे ‘अमानवीय’ बताया.

उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपने दलितों से नृशंस व्यवहार के बारे में सत्ता की ओर से किसी से भी सहानुभूति के शब्द सुने हैं? येन केन प्रकारेण सरकार बना लेने वाले सोचते हैं कि वे सबकुछ पा सकते हैं.

मोदी ने कहा, ‘‘लेकिन, कर्नाटक और भारत के लोग उन्हें और उनकी हरकतों को देख रहे हैं. लोग कुप्रशासन के लिए जल्द उन्हें सबक सिखाएंगे.’’

(इनपुट : भाषा)

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