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जम्मू-कश्मीर: राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कोर्ट नहीं जाएंगी महबूबा मुफ्ती ..

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग करने के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के फैसले के खिलाफ वह अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाएंगी. महबूबा ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘‘मेरे शुभचिंतकों ने मुझे राज्यपाल के विधानसभा भंग करने के फैसले के खिलाफ अदालत जाने के सुझाव दिए हैं. PDP, नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस राज्य के हितों की सुरक्षा के लिए एक साथ आए थे. यह मेरी राय है कि हमें जनता की अदालत में जाना चाहिए जो किसी भी अन्य अदालत से ऊपर है.’’

गौरतलब है कि राज्य की विधानसभा को 21 नवंबर को अचानक भंग कर दिया गया था. इससे कुछ घंटे पहले पीडीपी ने नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इसके बाद दो सदस्यीय पीपुल्स कांफ्रेंस ने सरकार का दावा पेश करते हुए भाजपा तथा अन्य दलों के 18 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया था.

राज्यपाल ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि सरकार बनाने में धन के इस्तेमाल और खरीद फरोख्त को रोकने के लिए यह जरूरी था. राज्य में 19 जून को राज्यपाल शासन लगाया गया था जब भाजपा, पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार से हट गई थी. उस समय राज्यपाल ने विधानसभा को भंग न कर निलंबित रखा था.

वहीं इस पूरे मामले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी और राज्यपाल पर सवाल खड़े किए थे. उमर अब्दुल्ला ने कहा था, ''मैं पूछना चाहता हूं कि राज्यपाल ने 2014 में पीडीपी और बीजेपी के बीच हो रहे गठबंधन के बारे में क्यों नहीं पूछा? और आज उन्हें हमारे गठबंधन से परेशानी हो रही है. पीडीपी, NC और कांग्रेस के बीच तो कई मुद्दों पर सहमती है. लेकिन जब बीजेपी और पीडीपी के बीच गठबंधन हो रहा था तब उन्हें नोर्थ पोल और साउथ पोल कहा जा रहा था.'' 

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