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J&K: राज्यपाल सत्यपाल मलिक बोले- सत्ता पाने के लिए किया जा रहा था गठबंधन, चार दिन भी नहीं चलती सरकार ..

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

जम्मू-कश्मीर की मौजूदा विधानसभा को राज्यपाल के द्वारा भंग कर दिया गया है. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर के संविधान के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है. वहीं अब इस पूरे मामले पर सत्यपाल मलिक ने रिपब्लिक टीवी से बात की है. जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से जब पूछा गया कि आप इस फैसले पर कैसे पहुंचे की विधानसभा को भंग कर दिया जाए? इसपर उन्होंने कहा, 'ये लोग जो शोर मचा रहे हैं ये पांच महीने से मुझे कह रहे थे कि एसेंबली भंग होनी चाहिए.. और मैं इसको सिर्फ इसलिए जिंदा रखे हुआ था MLA के पास फंड थे लोगों के काम हो रहे थे.. पोलिटिकल प्रोसेस हाफवे था.. लेकिन ऑन था..'

इसके साथ ही राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, 'हफ्ता दस दिन से मैं देख रहा था बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त हो रही थी. महबूबा जी खुद ही शिकायत कर रही थीं कि मेरी पार्टी को तोड़ने की कोशिश हो रही है. कुछ लोग कह रहे थे कि ये लोग एक गठबंधन बनाने की कोशिश में हैं.. इन्होंने कभी एक साथ सरकार बनाई नहीं है.. ये एक तरह से अवसरवादी गठबंधन था. सत्ता पाने के लिए ये गठबंधन हो रहा था. ये वो लोग है जो चुनाव के खिलाफ थे.'

उन्होंने कहा, 'अभी पंचायत के चुनाव बीच में हैं.. जहां पूरी जान लगाकर सुरक्षाकर्मी चुनाव करा रहे हैं .. इनकी सरकार चार दिन चलने वाली नहीं थी. नंबर भी डाउटफुल था दोनों तरफ.. ऐसे में कोई रास्ता नहीं था. अभी खुद कह रही हैं महबूबा जी की ये मेरी जीत है..' 

क्या सत्ता में वापस आने के लिए गठबंधन किया जा रहा था?

सत्यपाल मलिक ने कहा, 'हां ये सत्ता में आने के लिए हो रहा था .. इनकी पार्टी न टूट जाए इसकी वजह से ये गठबंधन हुआ. महबूबा मुफ्ती और अब्दुल्ला यही चाहते थे..कल ईद थी.. ऑफिस बंद था.. मुझे 10 दिनों से रिपोर्ट आ रही थी.. समस्या काफी जटिल हो गई थी.. बड़े पैमाने पर रुपया ऑफर किया जा रहा है .. लोगों को डराया जा रहा है.. किसी को आतंकवादी धमकियां दी जा रही हैं.'

जल्द चुनाव होना चाहिए -

'चुनाव होनी चाहिए .. जल्द से जल्द होनी चाहिए.. हम पंचायत का चुनाव करने में सक्षम थे.. हमने मुन्सिपलिटी का चुनाव कराया .. ये दोनों लोग चुनाव के खिलाफ थे अब इनको चुनाव याद आ रहा है.. असेंबली भी याद आ रही है.'

सत्यपाल मलिक बोले, 'इस मुद्दे में जो जम्मू-कश्मीर का संविधान है वहीं मुझे शक्ति देता है कि इसमें मुझे एक्शन करने की पूरी आजादी है. सिर्फ मुझे एक्शन करने के बाद राष्ट्रपति जी को इन्फॉर्म करना होता है. राष्ट्रपति, ऑस्ट्रेलिया में थे फिर भी मैंने उनके यहां मौजूद स्टॉफ को मैसेज दे दिया.. उन्होंने उनको दे दिया होगा. इसके लिए कोई सलाह की जरूरत नहीं थी.'

वहीं अब देखने वाली बात होगी की जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव क्या लोकसभा चुनाव के साथ होते हैं या फिर राज्य में राज्यपाल शासन ही लागू रहता है. गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही जम्मू-कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूट गया था. बीजेपी ने पीडीपी पर विकास कार्यों में रोक लगाने को लेकर कई गंभीर आरोप लगाते हुए पीडीपी से अपना गठबंधन तोड़ लिया था तब से ही जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू है. 

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