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उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल के फैसले पर उठाए सवाल, पूछा- 'उन्हें हमारे गठबंधन से परेशानी क्यों हो रही है?'

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

जम्मू-कश्मीर में मचे राजनीतिक घमासान के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला. उन्होंने राज्यपाल के द्वारा राज्य में विधानसभा भंग करने को लेकर सवाल उठाए हैं. बता दें, 'उन्होंने कहा कि हम ये प्रेस कॉन्फ्रेंस सारी बातों पर चर्चा करने के लिए कर रहे हैं. मैं हमेशा से ही विधानसभा भंग हो इसके पक्ष में था. ये खबरे सामने आ रही थीं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस एक साथ आकर सरकार बना सकती हैं.. हालांकि शुरूआत में हम इसके पक्ष में नहीं थे. लेकिन पिछले एक महीने में हमने इसपर सोचा. लोगों ने हमें गठबंधन करने के लिए सलाह दी थी.  

उन्होंने कहा, 'PDP ने फारुख साहब को मुख्यमंत्री बनाने की पेशकश की थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया. PDP ने मुझे भी मुख्यमंत्री बनने को लेकर पूछा था लेकिन मैंने मना कर दिया. मैंने कहा कि अगर लोग मुझे चुनेंगे तो मैं मुख्यमंत्री बनूंगा. मैंने उनसे कहा कि मैं उन्हें बाहर से समर्थन करूंगा.'

इसके साथ ही उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'ये अजीब सा फैक्स मशीन है जो इशारे से खराब हो जाता है. ये फैक्स मशीन वनवे है. ये पूरा मामला मजाक की बात नहीं है. राज्यपाल साहब से पूछना चाहता हूं.. वो कैसे कह सकते हैं कि अलग-अलग सियासी सोच रखने वाले एक साथ कैसे आ सकते हैं.'

''मैं पूछना चाहता हूं कि राज्यपाल ने 2014 में पीडीपी और बीजेपी के बीच हो रहे गठबंधन के बारे में क्यों नहीं पूछा? और आज उन्हें हमारे गठबंधन से परेशानी हो रही है. पीडीपी, NC और कांग्रेस के बीच तो कई मुद्दों पर सहमती है. लेकिन जब बीजेपी और पीडीपी के बीच गठबंधन हो रहा था तब उन्हें नोर्थ पोल और साउथ पोल कहा जा रहा था.'' 

उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'खरीद-फरोख्त चल रही है कहना बिलकुल गलत है. ये गलत आरोप हैं. राज्यपाल को लोगों के सामने ये बताना चाहिए की कौन खरीद-फरोख्त कर रहा था. उन्हें ये रिपोर्ट सबके सामने लानी चाहिए. उन्होंने सबके सामने कहा है कि रुपए लेने की बात चल रही है. उन्हें इस पूरे मामले को सबके सामने रखना चाहिए.

इसके साथ ही उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 'आज राम माधव कह रहे हैं कि हम ये सब पाकिस्तान के इशारे पर कर रहे हैं. मैं उन्हें चुनौती देता हूं. वो अपना स्टेटमेंट प्रूफ करके दिखाए.. वो हमारे कार्यकर्ताओं का अपमान कर रहे हैं. वो ऐसा कैसे कह सकते हैं.'

इससे पहले रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि, 'हफ्ता दस दिन से मैं देख रहा था बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त हो रही थी. महबूबा जी खुद ही शिकायत कर रही थीं कि मेरी पार्टी को तोड़ने की कोशिश हो रही है. कुछ लोग कह रहे थे कि ये लोग एक गठबंधन बनाने की कोशिश में हैं.. इन्होंने कभी एक साथ सरकार बनाई नहीं है.. ये एक तरह से अवसरवादी गठबंधन था. सत्ता पाने के लिए ये गठबंधन हो रहा था. ये वो लोग है जो चुनाव के खिलाफ थे.'

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