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राजनाथ सिंह ने कहा- 'कांग्रेस ने भारत की राजनीति और नेताओं के प्रति पैदा किया विश्वास का संकट'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

कांग्रेस की अपेक्षा भाजपा को अच्छी सरकार चलाने वाली राजनीतिक पार्टी बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को स्वतंत्र भारत के इतिहास में देश की राजनीति और नेताओं के प्रति विश्वास का संकट पैदा करने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में अब ‘अच्छे दिन’ आ गए हैं और यह लोगों का देखने का नजरिया है कि वे क्या देखते हैं.

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘पिछले साढ़े चार वर्षों में जो करिश्माई काम हमारे प्रधानमंत्री ने किया है, उससे भारत दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था हो गई है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में चार साल पहले भारत 9वें स्थान पर था, अब छठे स्थान पर आ गया है. सारे आर्थिक जानकार और विश्लेषक सहज रूप से इस बात को स्वीकार करते हैं कि अगले वित्तीय वर्ष में ही भारत दुनिया के शीर्ष पांच देशों में आकर खड़ा हो जाएगा और अगर वृद्धि का सिलसिला इसी तरह चलता रहा तो इस हकीकत को भी नकारा नहीं जा सकता कि आगामी 2030 आते-आते या 2035 आते-आते भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था में आ सकता है.’’

राजनाथ सिंह ने बताया, ‘‘भारत ने सहज रूप से स्वीकार कर लिया है कि तुलनात्मक दृष्टि से भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस की अपेक्षा अच्छी सरकार चलाने वाली एक राजनीतिक पार्टी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने तुलनात्मक कहा. संपूर्ण कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं हो सकती. मैंने भी ऐसा कोई दावा नहीं किया कि हम संपूर्ण हैं.’’ राजनाथ ने कहा, ‘‘कमियां सब में रहती हैं. लेकिन तुलनात्मक दृष्टि से बढ़िया करने वाली यह (भाजपा) राजनीतिक पार्टी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा यह मानना है कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में कांग्रेस पार्टी ने भारत की राजनीति एवं भारत के नेताओं के प्रति विश्वास का एक बड़ा संकट पैदा किया है.’

राजनाथ सिंह बोले, ‘‘यह विश्वास का संकट (कांग्रेस) नेताओं की कथनी और करनी में अंतर होने के कारण हुआ.’’ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या के मामले में जो आपने पूछा है, जो कुछ चल रहा है, उससे आप अच्छी तरह से अवगत हैं. मैं समझता हूं कि प्रतीक्षा कीजिए.’’

वर्तमान में सीबीआई में चल रहे विवाद पर राजनाथ ने यह कहकर टिप्पणी से इनकार कर दिया कि यह मामला विचाराधीन है. नोटबंदी पर उन्होंने कहा, ‘‘नोटबंदी पर कहीं किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. सभी (आर्थिक) विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इससे अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता आई है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘नोटबंदी से कालाधन बैंकों में आया है. जो (कालाधन) बैंकों में नहीं आया, वह खत्म हो गया है.’’ फ्रांस के साथ हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा कथित घोटाले का आरोप लगाये जाने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में राजनाथ ने कहा, ‘‘राफेल (का मुद्दा) ‘फेल’ है. दसॉल्ट (एविएशन कंपनी) के सीईओ ने स्पष्टीकरण दे दिया है. आरोप में सत्यता कितनी है, कोई भी समझ सकता है. इन आरोपों में कोई सत्यता नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा आरोप लगाया जा रहा है कि दसॉल्ट ने एक ही ‘ऑफसेट’ सहयोगी के साथ 30,000 करोड़ रुपए का समझौता किया है, जबकि सच्चाई यह है कि यह समझौता राशि सभी ‘ऑफसेट’ सहयोगियों के लिए है.’’

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