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जीतनराम मांझी ने अलापे महागठबंधन से बगावत के सुर, कहा- ''हम किसी के बंधुवा मजदूर नहीं हैं''

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने महागठबंधन के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए खुली बगावत का बिगुल फूंक दिया है। मांझी से साफ तौर पर कह दिया है कि वे किसी के बंधुवा मजदूर नहीं हैं। बिहार की राजधानी पटना में कोर ग्रुप की बैठक के दौरान उन्होंने ये साफ कर दिया कि उनकी पार्टी को उपेंद्र कुशवाहा से ज्यादा सीटें चाहिए।

जीतन राम मांझी ने दो टूक बोलते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी को ज्यादा सीटें और उचित सम्मान नहीं मिला तो वे अलग रास्ता अख्तियार कर लेंगे। जीतनराम मांझी ने मीडिया में आ रही उन खबरों का खंडन किया जिसमें HAM को एक या दो सीट मिलने की बात कही जा रही है। 

दरअसल मांझी के स्थानीय आवास पर आज HAM सेक्युलर के कोर कमेटी की बैठक हुई, इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में मांझी ने कहा, 'हम उनसे (कुशवाहा की पार्टी से) कम सीट पर किसी भी कीमत पर लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। अगर नहीं राजी होते हैं तो हमलोग विचार करेंगे कि क्या करना है ।’’ 

NDA छोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए मांझी से यह पूछे जाने पर कि महागठबंधन से नाता तोड़ने पर उनके पास दूसरा विकल्प क्या होगा, उन्होंने इस बारे में कुछ भी तत्काल कहने से इंकार करते हुए कहा, ‘‘विकल्प पर पार्टी के भीतर बात होगी। आगामी 18 फरवरी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है ।’’ उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में हमलोग कुशवाहा की पार्टी से अधिक सीट पाने की बात करेंगे।

मांझी ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लगता है कि महागठबंधन के नेता ही इस तरह की खबरें प्लॉट करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई उनको कमतर नहीं आंके। महागठबंधन  में सम्मानजनक सीटें नहीं मिली तो हम अलग रास्ता चुन लेंगे।

पूर्व सीएम मांझी ने कहा, ‘‘कुशवाहा कुछ दिन पहले महागठबंधन में शामिल हुए हैं जबकि हम सेक्युलर पहले से महागठबंधन में शामिल है। ऐसे में अगर उनसे कम सीटपर हम सेक्युलर को चुनाव लड़ने के लिए कहा जाएगा तो यह कैसे संभव होगा ।’’ 

उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता, ‘‘हमें एक, दो या दस सीट मिलती है बल्कि हमें कुशवाहा जी से अधिक सीट मिलनी चाहिए।’’ 

मांझी के इस बयान के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ती दिखाई दे रही है। RJD नेता भाई वीरेंद्र ने साफ तौर पर कहा कि जीतन राम माझी को कितनी सीट देनी है ये गठबंधन तय करेगा।

वहीं JD(U) नेता महेश्वरी हजारी जदयू ने कहा कि माझी जी बड़े नेता हैं उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए उनकी मांग जायज है। उन्हें अधिक सीट मिलनी ही चाहिए। लेकिन महागठबंधन में उनका उचित सम्मान नहीं हो रहा। राजनीति में हमेशा संभावना रहती है।

इसके अलावा बीजेपी ने भी इस मसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मांझी की मांग को वाज़िब बताया। बीजेपी नेता विनोद सिंह ने कहा कि NDA में ही दलितों को उचित सम्मान मिलता है। महागठबंधन में महादलित का अपमान होता रहा है।

फिलहाल महागठबंधन में मांझी की पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं और मांझी इसके बाद क्या रुख अपनाते हैं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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