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पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार ने उठाए हैं निर्णायक कदम: PM मोदी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने कच्चा तेल के आयात में 10 प्रतिशत की कमी लाने और विदेशी मुद्रा की बचत के लिए कई ‘‘ निर्णायक कदम’’ उठाये हैं।

मोदी ने कहा कि इसके लिए 11 सरकारी तेल कंपनियों ने आधुनिक लिग्नोसेल्यूलोजिक प्रौद्योगिकी का रास्ता अपनाया है और देश के 11 राज्यों में 122जी इथेनॉल संयंत्र लगाए जा रहे हैं।

लिग्नोसेल्यूलोजिक विधि में इथेनाल तैयार करने के लिए पौधे के फल या बीज की जगह उसके तंतुओं और घासफूस, काई और डंठल आदि का इस्तेमाल किया जाता है।

प्रधानमंत्री ने कोच्चि पेट्रोलियम परिशोधन संयंत्र में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के एक एकीकृत तेल परिशोधन विस्तार परिसर का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘सरकार ने कच्चा तेल का आयात 10 प्रतिशत कम करने और बेशकीमती विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कई निर्णायक कदम उठाए हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस दिशा में छह समझौतों पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं।

मोदी ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार देश में शहरी गैस वितरण नेटवर्क का दायरा विस्तृत कर सीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि शहरी गैस वितरण की बोली के 10वें दौर के बाद 400 से अधिक जिले पाइप से गैस आपूर्ति के नेटवर्क से जुड़ चुके होंगे।

मोदी ने राष्ट्रीय गैस ग्रिड यानी प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसे ईंधन के प्रयोग में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा भारत में गैस आधारित अर्थव्यवस्था के प्रोत्साहन देने लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने अतिरिक्त 15 हजार किलोमीटर का गैस पाइपलाइन नेटवर्क तैयार करने पर विचार किया है।’’

इससे पहले उन्होंने परिशोधन संयंत्र में एक पेट्रोरसायन परिसर तथा एत्तुमनूर में कौशल विकास संस्थान की आधारशिला भी रखी। इसके अलावा उन्होंने यहां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के एलपीजी बोटलिंग संयंत्र में ऊंचाई पर स्थापित एलपीजी भंडारण केंद्र का उद्घाटन भी किया।

इस माउंटेड भंडार सुविधा की कुल क्षमता 4,350 टन है। इसे भंडारण का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

मोदी ने इस मौके पर पेट्रोरसायन क्षेत्र पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत बड़े तेल परिशोधन केंद्र के तौर पर उभर रहा है और आज देश अपनी जरूरत से अधिक पेट्रोलियम परिशोधन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि मई 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत के बाद गरीब लोगों को करीब छह करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 23 करोड़ से अधिक लोगों ने ‘पहल’(प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ) योजना से खुद को जोड़ा जिससे फर्जी खातों की पहचान करने में मदद मिली। इस योजना के तहत सब्सिडी सीधे ग्राहक के खाते में भेजी जाती है।

उन्होंने कहा कि पहल को सबसे बड़ा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के नाते गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली है।

मोदी ने अपने बचपन और जवानी के दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने रसोई में कई माताओं को लकड़ी के चूल्हों से जूझते देखा है। उन्होंने कहा कि वह तब से ही इन माताओं की स्थिति सुधारने और उन्हें स्वस्थ रसोई मुहैया कराने की सोचते रहते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार की उज्ज्वला योजना इसी सपने को सच करने की दिशा में उठाया गया कदम है।’’ 

प्रधानमंत्री ने कोच्चि परिसर की विस्तार परियोजना में दिन-रात काम करने वाले श्रमिकों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि परियोजना के सबसे व्यस्त दिनों में निर्माण स्थल पर 20 हजार से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे। वे इस परियोजना के वास्तव हीरो हैं।’’ 

एकीकृत परिशोधन का नया हिस्सा एक आधुनिक विस्तार परिसर है। इससे कोच्चि तेल परिशोधन संयंत्र देश का सबसे बड़ा सरकारी तेल परिशोधन संयंत्र बन जाएगा। इसमें स्वच्छ ईंधन उत्पादन करने की क्षमता है। यह एलपीजी तथा डीजल उत्पादन को दोगुना कर देगा और संयंत्र में पेट्रोरसायन उत्पादों के लिए कच्चे माल का उत्पादन भी शुरू करेगा। 

एत्तुमनूर के कौल विकास संस्थान में तेल एवं गैस तथा अन्य उद्योगों के लिये योग्य युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा और उनकी रोजगार की योग्यता तथा उद्यमिता को विस्तृत किया जाएगा। यह संस्थान आठ एकड़ के परिसर में तैयार हो रहा है। इसकी क्षमता 20 विभिन्न क्षेत्रों में सालाना एक हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने की होगी।

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कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और राज्यपाल पी. सदाशिवम भी शामिल हुए।

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