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EXCLUSIVE: 100 पन्नों के दस्तावेजों से हुआ खुलासा, वाड्रा ने आर्म्स डीलर से लिए थे फेवर्स..

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

राफेल मुद्दे को लेकर जहां एक तरफ कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने हैं. वहीं दूसरी तरफ रिपब्लिक टीवी ने रॉबर्ट वाड्रा और उनके दोस्त संजय भंडारी और सुमित चड्ढा के बीच ई-मेल के जरिए की गई बातचीत के दस्तावेजों का खुलासा किया है. बता दें, रिपब्लिक टीवी के पास लगभग 100 पन्नों का दस्तावेज मौजूद है. जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रिश्तेदार रॉबर्ट वाड्रा और सुमित चड्डा के बीच बातचीत का पूरा ब्यौरा है. इन दस्तावेजों में वाड्रा और सुमित चड्ढा के बीच ई-मेल के जरिए की गई बातचीत है.

आपको बता दें, ये ई-मेल साल 2010 के बीच किए गए हैं. रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने राफेल डील में अपने दोस्त संजय भंडारी को फायदा दिलाने के लिए तब UPA सरकार से लॉबिंग की थी. वहीं इसके एवज में वाड्रा ने संजय भंडारी से फेवर्स लिए थे. तीसरे मेल में लंदन वाले घर के रिनोवेशन की बात की गई है.  

सवाल उठ रहे हैं कि संजय भंडारी ने रॉबर्ट वाड्रा को करोड़ों का घर क्यों दिया ? भंडारी वाड्रा के एयर टिकट क्यों खरीदते थे? हाल ही में बीजेपी ने भी संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा के बीच के संबंधों का उजागर किया था. बता दें, रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने लंदन में करोड़ों का घर बनाया है.

वहीं इस पूरे मामले पर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने रॉबर्ट वाड्रा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि सरकार को इस मामले में जांच करनी चाहिए. सरकार को तुरंत केस दर्ज करना चाहिए.. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि ''मैं इस मामले में सरकार और CBI से FIR दर्ज कराने की मांग करूंगा. संजय भंडारी इस समय लंदन में रहते हैं.'' इसके साथ ही स्वामी ने कहा, ''वाड्रा ने जो साउथ दिल्ली में अपनी संपत्ती खड़ी की है उन सबकी भी जांच होनी चाहिए.

वहीं समाजवादी पार्टी के नेता घनश्याम तिवारी ने कहा है कि, मैं रॉबर्ट वाड्रा को लेकर कुछ नहीं बोलूंगा.. मैं सिर्फ राफेल के मुद्दे पर बोलूंगा.'' बता दें, इस पूरे मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा की तरफ से कुछ भी कहा नहीं गया है. 

इससे पहले बीजेपी ने कहा था कि  ''तत्कालीन UPA सरकार के दौरान रॉबर्ट वाड्रा के मित्र संजय भंडारी की कंपनी और उससे जुड़े वाड्रा के व्यावसायिक हितों के चलते देश के रक्षा हितों से समझौता किया गया."

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