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भारत बंद के दौरान हुई हिंसा से क्या 'सबक' लेंगे राहुल गांधी ?

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों और रुपए में लगातार गिरावट को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को भारत बंद का आहवान किया था. भारत बंद के दौरान देश के कई शहरों में जमकर हिंसा देखी गई. कहीं स्कूली बसों को निशाना बनाया गया तो कहीं पर आगजनी की गई. प्रदर्शनकारी जबरदस्ती दुकानों को बंद कराने में जुटे रहे. बंद के दौरान हो रहे विरोध प्रदर्शन के चलते बिहार के जहानाबाद में एक परिवार ने अारोप लगाया है कि वो अपनी बच्ची को सही समय पर अस्पताल नहीं ले जा पाए जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. बच्ची के परिवार वालों का कहना है कि एम्बुलेंस सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी जिसकी वजह से बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी.

बिहार: दो साल की बच्ची की मौत -

वहीं जहानाबाद के SHO परितोष कुमार का कहना है कि बच्ची की मौत बंद या फिर ट्रैफिक जाम के कारण नहीं हुई है. गलती परिवार वालों की है.. परिवार अपने बच्चे को लेकर अपने घर से देरी से चला था जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता रविशंकर प्रसाद ने भी भारत बंद के दौरान बच्ची की मौत पर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल पूछा है.

पुणे: स्कूल बस पर किया गया पथराव -

पुणे से लोकसभा सांसद अनिल शिरोले ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा है. अनील ने अपने ट्विटर पर लिखा, ''कथित रुप से 'विपक्षी पार्टियां' आपको विरोध करने का अधिकार है लेकिन युवाओं को गुमराह करना, निर्दोष स्कूली बच्चों को निशाना बनाना, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करना और अपने सस्ती राजनीतिक लाभ के लिए नागरिकों में डर पैदा करने की कोशिश करना वास्तव में अपमानजनक है.''

वहीं पुणे में स्कूल की बस पर पथराव किया गया. बस के शीशे तोड़ दिए गए. बता दें, सोमवार सुबह एक स्कूली बस को तब निशाना बनाया गया जब वो स्कूल के बच्चों को पिकअप के लिए जा रही थी. अच्छी बात ये रही कि जिस समय बस पर हमला किया गया उस दौरान बस खाली थी जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया. 

वहीं  Caelum School के प्रेसिडेंट Harish Thadaney ने रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए इस बात की पुष्टी की है कि प्रदर्शनकारियों ने बच्चों और टीचर को परेशान किया. उन्होने आगे कहा, ''स्कूल को पूरे दिन के लिए बंद कर दिया है. प्रोटेस्ट करने का ये कोई तरीका नहीं है.''

पेट्रोल पंप और रेलवे को बनाया निशाना -

वहीं मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी प्रदर्शनकारियों का हंगामा देखा गया. लोगों ने पेट्रोल पंप को अपना निशाना बनाया. विरोध के दौरान लोगों की गाड़ियों को भी नहीं छोड़ा गया जो डंडो से गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए. वहीं मुंबई में कांग्रेस नेता संजय निरुपम के नेतृत्व में रेल रोको अभियान चलाया गया. लेकिन संजय निरुपम इसमें कामयाब नहीं हो सके और पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया था.

लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना सही बात है लेकिन ये कहा तक सही है कि आप हिंसा करके अपना विरोध दर्ज कराए. मोदी सरकार के खिलाफ बुलाए गए भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है? अब सीधे-सीधे कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर सवाल उठ रहे हैं कि विरोध के नाम पर हिंसा क्यों हुई? क्या राहुल गांधी और कांग्रेस को इस बात का आभाष नहीं था कि उसके द्वारा बुलाए गए बंद से प्रदर्शनकारी सड़कों पर कोहराम मचाएंगे या फिर विरोध के नाम पर अपनी मनमानी करेंगे? खैर सवाल अभी भी बना हुआ है कि भारत बंद के दौरान हुई हिंसा से क्या 'सबक' लेंगे राहुल गांधी ?

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