Politics

लोकसभा में कर्नाटक का मुद्दा उठाएगी कांग्रेस, कार्यस्थगन का प्रस्ताव दिया

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

कर्नाटक में कई विधायकों के इस्तीफे के कारण कांग्रेस-जद(एस) सरकार पर मंडराए संकट का मुद्दा कांग्रेस सोमवार को लोकसभा में उठाएगी। इस संदर्भ में उसने कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक में 'भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त' का मुद्दा लोकसभा में उठाया जाएगा।

कांग्रेस ने शनिवार को भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर 'संविधान का चीरहरण' करने का आरोप लगाया था और कहा था कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी के षड्यंत्र के बावजूद राज्य की सरकार नहीं गिरेगी।

 कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा कर्नाटक में हमारी सरकार गिराने के लिए हमारे विधायकों को मुंबई ले गई है ।

कर्नाटक में हुई राजनीतिक संकट के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में आजाद ने यहां मीडिया को बताया, ‘‘प्रधानमंत्री जी (नरेन्द्र मोदी) कहते हैं - सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। ये तो टेलीविजन पर बहुत अच्छी चीजें लगती हैं। लेकिन जमीन पर नहीं है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री की मौजूदगी में मैंने कहा था कि आपने (भाजपा) हमारी सरकार हिमाचल प्रदेश में तोड़ दी। मणिपुर एवं गोवा में हमारे विधायकों को (सदन में) वोट नहीं देने दिया। बंगाल के विधायक ले जा रहे हो, आंध्रप्रदेश के विधायक ले जा रहे हो, गुजरात के विधायक ले जा रहे हो और अब आप कर्नाटक के विधायक ले जा रहे हो।’’

आजाद ने सवाल किया, ‘‘इन सबका विश्वास कहां चला गया? और कहां है लोकतंत्र?’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र पर तो हमारा विश्वास होता है, भरोसा होता है। पार्टी के चुनाव चिन्ह के आधार पर जनता अपना प्रतिनिधि चुनकर देती है और अगर उसमें कोई भी बाहुबली ताकत वाला इस तरह से करे, तो क्या होगा।’’ 

कर्नाटक विधानसभा के 13 विधायकों ने पिछले कुछ दिनों में इस्तीफा दिया है। इनमें से 10 विधायक कांग्रेस के हैं, जबकि 3 विधायक जद (एस) के हैं । गत शनिवार को इस्तीफा देने वाले 11 विधायक में से 10 विधायक मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं।

राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन का संख्या बल विधानसभा अध्यक्ष के अलावा 118 (कांग्रेस-78, जद(एस)-37, बसपा-1 और निर्दलीय-2) है। इसमें वे विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष ने अभी तक स्वीकार नहीं किए हैं।

 

DO NOT MISS