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कपिल सिब्बल का आरोप: राफेल सौदे में दसॉल्ट एविएशन के सीईओ सच छुपा रहे हैं

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया है कि फ्रांस की विमानन कंपनी दसॉल्ट के सीईओ भारत को 36 राफेल विमानों की बिक्री के मामले में सच छिपा रहे हैं. उन्होंने आगाह किया कि कंपनी अपने ही जाल में फंस गई है. सिब्बल ने मंगलवार की रात संवाददाताओं से कहा, ‘‘दसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने राफेल सौदे में मामले को उलझाने की कोशिश की और दसॉल्ट अब सच छिपाने की कोशिश कर रही है. दुर्भाग्य से वह अपने ही जाल में फंस गई है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं दसॉल्ट को आगाह करना चाहूंगा कि जितना वो सौदे के बारे में सच छिपाएंगे समय के साथ वह उतने गंभीर भंवर में फंसते जाएंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम दसॉल्ट के सीईओ को चीजों को नहीं उलझाने के लिए कह रहे. हम जांच चाहते हैं क्योंकि सौदे में शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है.’’ 

बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने हाल ही में प्रधानमंत्री और अनिल अंबानी पर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाते हुए कहा था कि दसॉल्ट एविएशन ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को ‘‘रिश्वत की पहली किस्त’’ के रूप में 284 करोड़ रुपए दिए और दावा किया कि राफेल सौदे में जांच होने पर कार्रवाई के डर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘‘रातों की नींद उड़’’ गई है. उन्होंने आरोप लगाया था कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को इसलिए हटाया गया क्योंकि वह राफेल सौदे की जांच करना चाहते थे.

वहीं इस पूरे मामले पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि, ''आप भ्रमित न हों...राहुल गांधी भ्रमित व्यक्ति हैं. वह अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग दरों की बात करते हैं. इसके अलावा, वह अलग-अलग जगहों पर कहते रहे हैं कि हमने (सरकार ने) कई लोगों की मदद की है.. कभी वह अडाणी का नाम लेते हैं तो कभी अंबानी का''

वहीं उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केंद्र से कहा था कि वह फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत की जानकारी उसे 10 दिन के भीतर सीलबंद लिफाफे में सौंपे. साथ ही इसपर सहमति जताई कि ‘‘सामरिक और गोपनीय’’ सूचनाओं को सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं है.

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