Politics

कांग्रेस ने फिर अलापा राफेल का राग, आलोक वर्मा पर सेलेक्ट कमेटी के फैसले पर उठाए सवाल

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

CBI निदेशक आलोक वर्मा को उनके पद से सेलेक्ट कमेटी ने हटा दिया है. जो वाकई वर्मा के लिए किसी तगड़े झटके से कम नहीं है. लेकिन इस बीच कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर इस मसले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति के फैसले को राफेल सौदे से जोड़ते हुए पीएम पर निशाना साधा है. 

सेलेक्ट कमेटी का फैसला सामने आने के तुरंत बाद कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके इस फैसले पर आपत्ति जताई और इस मसले को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर राफेल का राग अलापा है.

कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट करके उच्चाधिकार समिति के फैसले को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया. ट्वीट के जरिए ये कहा गया है कि पीएम मोदी ने एक बार फिर ये दिखाया है कि वो जांच से डरते हैं.

ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा है, 'आलोक वर्मा को उनके मामले में कोई मौका दिए बिना पद से हटाकर पीएम मोदी ने एक बार फिर दिखाया है कि वो जांच से बहुत डरते हैं. चाहें वो स्वतंत्र सीबीआई डायरेक्टर के द्वारा हो या फिर पार्लियामेंट के जेपीसी के द्वारा.'

बता दें, इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस एके सीकरी बैठक में शामिल थे. सेलेक्ट कमेटी का फैसले में आलोक वर्मा को बड़ा झटका लगा है. वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर के पद से हटा दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आलोक वर्मा को उनके पद पर बहाल किया था. उन्हें सरकार ने करीब दो महीने पहले जबरन छुट्टी पर भेज दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से फैसले के एक हफ्ते के अंदर ही बैठक बुलाने को कहा था. जिसके बाद गुरुवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में बैठक हुई और ये फैसला लिया गया.

इसे भी पढ़ें - आलोक वर्मा को बड़ा झटका, सेलेक्ट कमेटी ने CBI निदेशक के पद से हटाया

जानकारी के मुताबिक सेलेक्ट कमेटी ने 2-1 से लिया फैसला है. इस बैठक में न्यायमूर्ति सीकरी देश के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की तरफ से उपस्थित हुए. 

गौरतलब है कि CBI चीफ वर्मा औैर विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगााए थे जिसके बाद उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया था. आलोक वर्मा ने बुधवार को पदभार दोबारा संभालते हुए एम नागेश्वर राव द्वारा किए गए ज्यादातर तबादले रद्द कर दिए थे. और उसके एक दिन बाद गुरुवार को सेलेक्ट कमेटी का फैसला सीबीआई डायरेक्टर के खिलाफ आ गया.

CBI निदेशक आलोक वर्मा ने 77 दिन बाद अपना कार्यभार बुधवार को संभाला था. वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच की लड़ाई सार्वजनिक होने के बाद केंद्र सरकार ने अक्टूबर में आदेश जारी कर वर्मा के अधिकार वापस लेकर उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया था.

DO NOT MISS