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अयोध्या विवाद: CM योगी बोले, 'न्याय में देरी से लोगों को निराशा होती है..'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

उच्चतम न्यायालय में अयोध्या में विवादित भूमि मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी तक टलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि न्याय में देरी से लोगों को निराशा होती है लेकिन कोई ना कोई रास्ता अवश्य निकलेगा.

न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया में योगी ने कहा, ‘‘देश की न्यायपालिका के प्रति सबका सम्मान है और हम भी उन संवैधानिक बाध्यताओं से बंधे हैं. स्वाभाविक रूप से अगर न्याय में देरी होती है तो लोगों को निराशा होती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस समस्या के समाधान के लिए हम लोग व्यापक विचार विमर्श कर रहे हैं और कोई ना कोई रास्ता अवश्य निकलेगा. मेरा ये विश्वास है.’’ 

इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते आप भी प्रस्ताव रखेंगे कि अध्यादेश लाना एक रास्ता है जिस पर विचार करना चाहिए, योगी ने कहा, 'देखिए अब ये मामला माननीय उच्चतम न्यायालय में है लेकिन देश की शांति और सौहार्द्र के लिए व्यापक आस्था का सम्मान करने के लिए जो भी विकल्प हो सकते हैं, उन सब विकल्पों पर विचार होना चाहिए.’’ 

उन्होंने कहा, 'अच्छा होता कि न्यायालय इस मामले की जल्दी सुनवाई करके देश के व्यापक सौहार्द और शांति के लिए इस मामले में जल्दी फैसला कर देता लेकिन मुझे लगता है कि अभी फिलहाल इस तरह की संभावनाएं नहीं दिखती है.'

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई को जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा है कि अभी कोई जरूरी तारीख नहीं दी जा सकती है क्योंकि कोर्ट की अन्य प्राथमिकताएं भी हैं. कोर्ट के इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक पार्टियों के नेताओं में बयानबाजी शुरू हो गई.

गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा था कि उचित पीठ अगले साल जनवरी में सुनवाई की आगे की तारीख तय करेगी. पीठ के दो दूसरे सदस्यों में न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसफ शामिल थे.

भूमि विवाद मामले में दीवानी अपील इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर की गई है. पीठ ने कहा, ‘‘हम जनवरी में उचित पीठ के सामने अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई की तारीख तय करेंगे.’’ 

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