Politics

नागरिकता विधेयक असम और पूर्वोत्तर के लोगों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा : PM मोदी

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

चांगसारी-  नागरिकता विधेयक के मुद्दे को लेकर असम में विरोध - प्रदर्शन और काले झंडे दिखाए जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दावा किया कि यह (विधेयक) किसी भी तरह से राज्य और पूर्वोत्तर के लोगों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजग सरकार असम और पूर्वोत्तर की भाषा, संस्कृति, संसाधन, उम्मीदों और आकांक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

मोदी असम के स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा नीत ‘नेडा’ संयोजक हेमंत विश्व शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है कि उन्हें किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा और वाजिब छानबीन एवं राज्य सरकारों की सिफारिश के बाद ही नागरिकता दी जाएगी।’’ 

मोदी ने कहा कि किसी को भी यह समझना चाहिए कि जबरन देश में घुसे लोगों और अपने धर्म के चलते अपनी जान बचाने के लिए घर से भागने वाले लोगों के बीच अंतर है। ‘‘दोनों एक समान नहीं हैं।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘हम उन लोगों को शरण देने के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जो पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यक हैं और जिन्हें अपने ऊपर ढाए गए जुल्म के चलते सब कुछ छोड़ कर भागना पड़ा। वे हमारे देश में आए हैं और भारत मां के विचारों और लोकाचार को अपनाया है।’’ 

उन्होंने घुसपैठ की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय नागरिक पंजी को अद्यतन करने का काम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। यथाशीघ्र भारत - बांग्लादेश सीमा को सील किए जाने के काम को पूरा किया जाएगा। 

मोदी की यात्रा के दौरान आसू, केएमएसएस और अन्य संगठनों के बैनर तले लोगों ने निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन किए, काले झंडे लहराये और पुतला दहन किया। 

जनता भवन (राज्य सचिवालय) के सामने निर्वस्त्र होकर विरोध प्रदर्शन करने के बाद कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के छह कार्यकर्ताओं को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 

ताई अहोम युवा परिषद ने राज्य में प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध करने के लिए 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था, जिसका असर असम के ऊपरी जिले तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, सिबसागर, लखीमपुर और जोरहट में देखने को मिला। इन जिलों में वाहन सड़कों से नदारद रहे और दुकानें बंद रहीं। 

केएमएसएस सहित 70 अन्य संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया। 

मोदी ने कहा कि भाजपा 36 साल पुराने असम समझौते को लागू करने के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और उसके उपबंध - 6 के क्रियान्वयन के लिए एक समिति का गठन उस दिशा में एक कदम है।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार असम को देश का तेल और गैस का केन्द्र बनाने के प्रति वचनबद्ध है और 14,000 करोड़ रूपये की परियोजनाएं पिछले चार साल में पूरी की गई हैं।

रैली से पहले मोदी ने चांगसारी में एम्स की आधारशिला रखी। उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी को उत्तरी गुवाहाटी से जोड़ने वाले छह लेन के एक पुल की भी आधारशिला रखी।

मोदी ने नुमालीगढ़ में एक एनआरएल बायो रिफायनरी और बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम से गुजरने वाली 729 किलोमीटर लंबी बरौनी-गुवाहाटी गैस पाइपलाइन की भी आधारशिला रखी।

गौरतलब है कि आठ जनवरी को लोकसभा में पारित हुआ नागरिकता (संशोधन) विधेयक, बांग्लादेश, पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिमों (हिंदू, ईसाई, पारसी, जैन, सिखों) को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान करता है। पूर्वोत्तर में कई संगठनों ने इस विधेयक का यह दावा करते हुए विरोध किया है कि वह क्षेत्र के मूलनिवासियों के अधिकारों को कमतर कर देगा।
 

DO NOT MISS