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छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने वीर सावरकर को लेकर दिया विवादित बयान

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जंयती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश भर के की नेताओं ने उन्हें याद करते हुए नमन किया । पीएम मोदी ने ट्वीट कर सावरकर को नमन करते हुए एक वीडियो शेयक किया । उन्होंने लिखा वीर सावरकर साहस, देशभक्ति और असीम प्रतिबद्धता का प्रतीक है । वे राष्ट्रनिर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं।  

वहीं दूसरी ओर ऐसे में देश के महान सपूत के खिलाफ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विवादित बयान दिया है जिससे सियासी बवाब खड़ा हो गया और भाजपा बघेल को इतिहास पढ़ने की सलाह दे डाली। 

 दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नेहरू की पुण्यतिथि पर बोल रहे थे, उन्हें नेहरु की उपलब्धियों पर बोलना चाहिए था पर ऐसा हुआ नहीं किया । भूपेश बघेल नेहरु की पुण्यतिथि के दिन भी राजनीति करने से बाज नहीं आए और उन्होंने अपनी ब्यान से पूरी कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर दिया है । 

भूपेश बघेल ने कहा कि देश की आजादी के साथ ही बंटवारा हुआ। इसके लिए लोग जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराते हैं जबकि हकीकत ये है कि वीर सावरकर की सोच को जिन्ना ने जमीन पर कामयाब होने दिया। सावरकर को देश के बंटवारे का सूत्रधार बताने तक ही वघेल नहीं रुके। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई सावरकर लड़े ही नहीं और जब उन्हें अंडमान के जेल में रका गया था तब उन्होंने अंग्रेजों से 10 बार माफी मांगी। जेल से छूटने के बाद भी उन्होंने कभी आजादी के आंदोलन में भाग नहीं लिया । बगेल ने अपने वक्तव्य में जोड़ा कि पंडित नेहरू की सोच, दूरदर्शिता , दर्शन काफी ज्यादा प्रभावशाली है, जोकि उनकी किताब भारत एक खोज में पढ़ी जा सकतीहै। 

बघेल के इस बयान के बाद बीजेपी की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी का कहना है कि आम चुनाव में मिली हार से कांग्रेस पूरी तरह हताश है और ये हताशा का परिणाम है कि इस तरह की बातें सामने आ रही हैं।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बघेल के बयान पर पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने पलटवार करते हुए कहा कि बेशर्मी की इंतहा हैं, इसपर कांग्रेस को चाहिए कि राहुल गांधी सामने आए और जवाब दे , क्या ये कांग्रेस की विचारधारा है , ये टुकटे टुकटे गैंग का ही विचार है ।



 

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