Politics

NRC मुद्दे पर राम माधव और सर्वानंद सोनोवाल की दो टूक, कहा- अवैध रूप से रह रहे लोग हमारे लिए एक चुनौती

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

कुछ दिन पहले असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन का ड्राफ्ट पेश हुआ था. जिसमें 40 लाख लोगों के नाम मौजूद नहीं थे. लोगों के नाम नहीं होने पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर विपक्षी पार्टियों ने जमकर हमला बोला था. इन सबके बीच अब असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने अपने ताजा बयान में कहा है कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन को पूरे देश में लागू करना चाहिए. सर्वानंद सोनोवाल एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उस दौरान उन्होंने कहा, 'भारत में अवैध रूप से रह रहे लोग हमारे लिए एक चुनौती हैं. NRC को अब पूरे देश में लागू करना चाहिए.. इसके जरिए हम भारतीय लोगों को प्रोटेक्ट कर सकेंगे.'

इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के नेता राम माधव भी मौजूद थे. राम माधव ने कहा, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन के बाद तीन चीजें होंगी डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट. NRC से अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की जाएगी. उसके बाद उन लोगों के नामों को वोटर आई कार्ड से डिलीट कीए जाएंगे और उन्हें सरकारी योजनाओं से बाहर किया जाएगा.. और तीसरा स्टेज उनको यहां से डिपोर्ट करना होगा.

बता दें, NRC की पहली लिस्ट जनवरी 2018 में जारी की गई थी. जिसमें असम के 1 करोड़ 90 लाख लोगों के नाम थे. वहीं दूसरी और फानइल ड्राफ्ट जुलाई के महीने में रिलीज की गई थी. जिसमें 3 करोड़ 29 लाख लोगों में से 2 करोड़ 89 लाख लोगों के नाम थे. जिसमें 40 लाख लोगों के नाम नहीं थे जिसके बाद से पूरे देश में राजनीतिक बवाल शुरू हो गया था. NRC का मुख्य मकसद भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करनी है.   

केंद्र सरकार का कहना है कि जिन लोगों के नाम NRC की लिस्ट में नहीं आए हैं उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्हें अपनी नागरिकता के दावे को पेश करने का दूसरा मौका मिलेगा. 

NRC के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साध रही हैं. ममता बनर्जी को कांग्रेस पार्टी एवं अन्य विपक्षी पार्टियों का साथ मिला हुआ है. वहीं बीजेपी ममता बनर्जी पर राजनीतिक लाभ के लिए NRC का विरोध करने का आरोप लगा रही है.

DO NOT MISS