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पाक PM इमरान खान के बयान पर भड़के गिरिराज, कहा- 'PAK जैसा 'भिखारी देश' हिंदुस्तान को ना बताएं कि...'

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा भारत में मुस्लिमों की स्थिति को लेकर विवादित बयान देने के बाद अब भारतीय नेताओं की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. साथ ही इमरान से उनके देश में अल्पसंख्यकों ( खासतौर पर हिंदू समुदाय)  को स्थिति को लेकर सवाल किए जा रहे हैं.

इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के फारयब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने पाक पीएम की आलोचना करते हुए उनके देश को भीख मांगने वाला देश करार दे दिया.

उन्होंने रविवार को अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा आज़ादी के बाद पाकिस्तान में हिंदू 23% से घट के 2% हो गए और हिंदुस्तान में मुसलमान  8% से बढ़कर 20% हो गए ....

उन्होंने अपने ट्वीट में आगे पाकिस्तान को भिखारी देश के रुप में प्रभाषित करते हुए लिखा कि अब पाकिस्तान जैसा आतंकी  भिखारी देश हिंदुस्तान को बताएगा कि माइनॉरिटी के साथ कैसे बर्ताव किया जाता है? यहाँ हर कोई अपनी मर्जी के हिसाब से फला फूला...

 

इमरान खान ने क्या कहा था?

 इमरान खान ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी सरकार को दिखाएंगे कि अल्प संख्यकों से व्यवहार कैसे किया जाता है. उन्होंने नसीरूद्दीन शाह द्वारा भीड़ की हिंसा पर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए उक्त बातें कही. 

बता दें कि पाकिस्तान स्थित लाहौर में पंजाब सरकार के 100 दिनों की उपलब्धियों से जुड़े कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा उनकी सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को उनका हक मिल सके . देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का भी यही विजन था. 

इमरान खान ने जिन्ना का जिक्र करते हुए आगे कहा कि वे कांग्रेस के बड़े नेताओं में एक थे. उन्हें हिंदू - मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता था. लेकिन उन्हें लगा कि कांग्रेस मुस्लिमों को बराबरी का अधिकार नहीं देगी. इसलिए उन्‍होंने अलग मुल्‍क की मांग की. वे नहीं चाहते थे कि मुसलमान दोयम दर्जे के नागरिक बने. पाकिस्तान की स्थापना करने वाले मोहम्‍मद अली जिन्‍ना का यही विजन था.

क्या था नसीरुद्दीन शाह का बयान?

गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह ने बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की मौत की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा है, "लोगों को कानून अपने हाथों में लेने की खुली छूट मिल गई है. कई इलाकों में हम देख रहे हैं कि एक पुलिस अफसर की मौत के बनिस्बत एक गाय की मौत को ज्यादा अहमियत दी जाती है.'' जिसके बाद अपने बयान को लेकर नसीरुद्दीन सवालों के कटघरे में आ गए थे.

विवाद बढ़ता देख दी सफाई...

मीडिया के सामने नसीरुद्दीन ने कहा, ''मुझे मालूम नहीं क्यों.. जो मैंने बात कही वो एक चिंतित भारतवासी के हैसीयत से कही है. मैं पहले भी कह चुका हूं. मुझे नहीं मालूम कि इस दफा ऐसा क्या कह दिया कि मुझे गद्दार ठहराया जा रहा है. अजीब बात है. 

कांग्रेस का सपोर्ट और बीजेपी की आलोचना करने वाले सवाल पर उन्होंने बोला कि हां अब वो (बीजेपी) तो ये कहेंगे ही. पर सच बात तो ये है कि फिर ये भी आप कह सकते हैं कि विराट कोहली की आलोचना करने के लिए मुझे ऑस्ट्रेलियन टीम ने कहा था. 

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