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बिहार के डिप्टी CM सुशील मोदी ने लिखी 'लालू-लीला', बिहार की राजनीति में आ सकता है बड़ा भूचाल...

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

बिहार के डिप्टी सीएम और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ने भ्रष्टचार के केस में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर संपत्ति एकत्र करने की 'भूख' पर 198 पन्नौ की एक पुस्तक लिखी है, जिसका शीर्षक है 'लालू लीला' 

सुशील मोदी ने बिहार विधानसभा में विपक्षी के नेता तजस्वी यादव के कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए लिखा है कि 29 साल में उम्र में तेजस्वी यादव 52 संपत्तियों और विभिन्न शैल कंपनियों के 'मालिक' बने गए हैं.

उन्होंने किताब में अपने आरोपों को साबित करने के लिए दस्तावेजों, तस्वीरों, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का सहारा लिया है. . 

इस किताब का विमोचन का 11 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा किया जाएगा. बता दें, सुशील मोदी और लालू यादव दोनों एक दूसरे को करीब 40 साल से जानते हैं ,जब वो पटना विश्वविघायल की छात्र राजनीति में काफी सक्रिय थे. वो जेपी आंदोलन से लेकर 90 के विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनकर आने के बाद से ही दोनों के रास्ते अलग हो गए.   

किताब में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी अपने विचार लिखें है. दोनों ही केंद्रीय मंत्री ने लालू यादव के भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए सुशील मोदी की सराहना की है ..

किताब में जो महत्वपूर्ण दावा किया गया है वो है कि किसी तरह संपत्ति के बदले लालू यादव को पूर्व केंद्रीय मंत्री घुनाथ झा, आरजेडी के कांजी सिंह को मंत्री या एमएलसी बनाया.. 

बता दें, यह मोदी की दूसरी किताब है . इससे 2 साल पहले उनकी किताब 'बीच समर में' आई थी. जिनमें आपतकाल के दौरान उनके जेल से जुड़ी कई घटनाएं थी. लेकिन सुशील मोदी की नई किताब लालू के चारा घोटला भ्रष्टाचार दोषी करार दिए जाने के बाद संपत्ति जोड़ने की भूख पर आधारित है.

इस किताब में साल 2017 में "माल मिट्टी घोटाले" से जुड़ी घटनाओं का जिक्र है, जिसके चलते नीतीश कुमार को आरजेडी का साथ छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था. किताब में आगे रेलवे के रांची और पुरी के होटल को लीज पर देने वाले मामला जैसे कई अन्य घोटालों का जिक्र किया गया है.  

 

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