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अयोध्या विवाद: फिर तेज हुई सियासी हलचल, भैयाजी जोशी ने कहा 2025 तक बनेगा राम मंदिर

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

राम के नाम पर सियासी महकमे का पारा आज कल खुद-ब-खुद गरम हो जाता है. देश में 5 साल बाद साल 2019 में एक बार फिर लोकसभा का चुनाव नजदीक है. चुनाव के मद्देनज़र सियासतदानों की बयानबाजी सिलसिलेवार तरीके से बदस्तूर जारी है. इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा है कि मंदिर बने ये हमारी इच्छा है, 2025 तक पूरा होना चाहिए, अब ये काम सरकार को करना है.

रिपब्लिक भारत से बात करते हुए भैयाजी जोशी ने कहा कि हमारी इच्छा है. कि मंदिर 2025 से पहले पूरा हो जाए. उन्होंने कहा कि देखिए मंदिर बने ये हमारी इच्छा है, 2025 तक पूरा होना चाहिए. बस डेट तय करना है. आज शुरू होगा तो 25 तक बनेगा. 

इससे पहले उन्होंने गुरुवार को प्रयागराज में कहा था, '1952 में सोमनाथ मंदिर की स्थापना के साथ देश गति से आगे बढ़ा, 2025 में राम जन्मभूमि के ऊपर मंदिर बनने के बाद फिर इस दिशा को और गति प्राप्त होने वाली है.'

भैयाजी जोशी के इस बयान के बाद राजनीति में अचानक से खलबली मच गई है. एक बार फिर बयानबाजी और घमासान का दौर तेज हो गया है. हर कोई भैयाजी जोशी के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहा है. 

उन्होंने कहा, 'राम मंदिर राष्ट्र की चेतना का केंद्र है. करोड़ों करोड़ लोगों की श्रद्धा का केंद्र है, विश्वास का केंद्र है मंदिर तो हजारों हैं. और इस अयोध्या के मंदिर निर्माण के बाद देश अगले 150 सालों के लिए पूंजी प्राप्त करेगा.' 

भैयाजी जोशी ने साफ कहा है कि कुंभ से श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर दिशा मिलेगी. उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर जल्द बनना चाहिए. ये असंख्य हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है. मौजूदा दौर मंदिर निर्माण के लिए निर्णायक है. कुंभ मेला से उसको लेकर नई दिशा मिलेगी.

गौरतलब है कि बीते हाल ही में सुप्रीम कोर्ट अयोध्या विवाद को लेकर 5 जजों की पीठ सुनवाई करने वाली थी लेकिन सुनवाई के दौरान जस्टिस उदय यू ललित ने अटकलों के बीच खुद को इस बेंच से अलग कर लिया जिसके बाद एक बार फिर सुनवाई टाल दी गई. अगली सुनवाई के लिए नए बेंच का गठन होगा और 29 जनवरी को नई बेंच सुनवाई करेगी.

भारतीय जनता पार्टी के लिए राम मंदिर का मुद्दा हमेशा से काफी अहम रहा है. ऐसे में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो चुका है. राम मंदिर का मसला इस चुनाव में काफी अहम माना जा रहा है. 

गौरतलब है कि साल 2019 के शुरू होने पर 1 जनवरी को न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए अपने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सभी को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए. जो कुछ भी हो उसके लिए कानूनी प्रक्रिया बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा था कि राम मंदिर उसी स्थान पर बनना चाहिए.

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आरएसएस ने प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत किया था. लेकिन एक समयसीमा भी तय की. जिसमें मांग की गई कि इस सरकार के कार्यकाल के खत्म होने से पहले मंदिर का निर्माण शुरू हो जाए.

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