Politics

पाकिस्तान से जान बचाकर भागे पूर्व विधायक ने कहा- '' इमरान खान के राज में अल्पसंख्यकों पर 'नरकिस्तान' जैसे जुल्म''

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:


अपने ही मुल्क में इमरान खान का जोरदार विरोध किया जा रहा है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार से त्रस्त एक पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने भारत से राजनीतिक शरण की मांग की है। खास बात ये है कि बलदेव सिंह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ के नेता हैं और पाकिस्तान के खैबर पख्तून ख्वा की बारीकोट सीट से विधायक रहे हैं। बलदेव कुमार इस वक्त भारत के पंजाब में मौजूद हैं। बलदेव कुमार अपने परिवार समेत पाकिस्तान से जान बचाकर भारत आए हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दहशत के माहौल में रहने को मजबूर हैं। खैबर पख्तून ख्वा विधानसभा में अल्पसंख्यकों की आवाज बुलंद करने वाले बलदेव कुमार ने कहा कि इमरान खान से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके सत्ता में आने के बाद हालात और बिगड़े हैं और हिंदुओं, सिखों पर जुल्म बढ़ा है।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों हो रहे अत्याचार का एक और सबूत आया सामने। इमरान खान की पार्टी पीटीआई के पूर्व विधायक बलदेव सिंह अपने परिवार समेत जान बचाकर भारत आए। उन्होंने कहा पाकिस्तान में इमरान के राज में अल्पसंख्यकों पर जुल्म बढ़ा है।

इमरान की पार्टी के पूर्व विधायक बलदेव सिंह ने पाकिस्तान में अल्संख्यकों पर होने वाले जुल्म से परेशान होकर पाकिस्तान छोड़ने की बात कही है। उन्होंने इमरान पर कई गंभीर आरोप लगाए। रिपब्लिक भारत से बात करते हुए बलदेव ने कहा कि पाकिस्तान को इमरान खान से बहुत उम्मीदें थीं कि वह एक नया पाकिस्तान बनाएंगे, लेकिन वह अपनी जनता की सुरक्षा करने में नाकाम रहे हैं। सेना और आइएसआइ इमरान पर हावी है।


कौन हैं बलदेव कुमार

इमरान की पार्टी के नेता हैं वह पीटीआइ के पूर्व विधायक हैं । खैबर पख्तूनख्वा के बारीकोट से विधायक थे वह 2018 में विधानसभा में शपथ लेकर सिर्फ 36 घंटे के लिए विधायक बने थे । उनपर 2016 में अपनी ही पार्टी के विधायक सूरण सिंह की हत्या का आरोप लगा।  बलदेव को की इस वजह से जेल में डाल दिया गया । पाकिस्तान कानून के मुताबिक , अगर विधायक की मौत हो जाए तो इसी पार्टी के दूसरे नंबर पर रहवे वाले उम्मीदवार बना दिया जाता है।  हत्या के बाद उन्हें जेल में डाल दिया गया और उस कारण उस समय वह एमपीए पद की शपथ भी नहीं ले सके। 

DO NOT MISS