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एयर स्ट्राइक के चश्मदीद का दावा: पाक आर्मी ने सबूत मिटाने के लिए आतंकियों की लाशों को बोरी में बांधकर कुनहार नदी में फेंका

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

भारत ने सीमापार पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हमला कर पुलवामा हमले का बदला लिया। भारतीय वायु सेना की कार्रवाई में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए। अब इस पूरे घटनाक्रम के एक चश्मदीद से आपको रुबरु करवाने जा रहे हैं। चश्मदीद के एक-एक शब्द बालाकोट एयर स्ट्राइक का सबूत मांगने वालों का मुंह बंद कर देगा। 

एयर स्ट्राइक के चश्मदीद ने कहा 'हिंदुस्तानी जंगी जहाजों के जो बालाकोट पर हमला किया था। जिसके बाद वहां मंजर बहुत ही दर्दनाक था। हमले में घायल जख़्मी लोग चीख-चीख कर पाक आर्मी के सामने मदद मांग रहे थे। लेकिन बेरहम और ज़ालिम पाकिस्तान आर्मी ने तो उन्हें मेडिकल सुविधाएं दी और न तो वहां तक डॉक्टर को जाने दिया।'

चश्मदीद ने कहा ' पाकिस्तान आर्मी ने भारतीय जंगी जहाजों से मारे गए ज्यादातर तादाद में आतंकियों के लाश को जलाई हैं। पाक आर्मी ने अपनी गाड़ियों से पेट्रोल निकाला है जो पेट्रोल इनके पास था उससे भी लाशों को जलाया है।और जो बच गए थे उसे बोरी में बांध कर कुनहार नदी में फेंक दिया, ताकि कोई भी सुराग न मिल सके, लेकिन इतना रफा - दफा करने के बावजूद भी लोगों के पास वीडियो व्हाट्सअप पर  मौजूद है वे एक - दूसरे को भेज भी रहे हैं ।

चश्मदीद की माने तो हमले के बाद बालाकोट का मंजर बहुत दर्दनाक था। क्योंकि पाकिस्तान आर्मी बालाकोट को दिन -रात के लिए घेरे में ले लिया था लोगों के मोबाइल छीने जा रहे थे। इलाके में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दिया गया था ताकि वीडियो फोटो लोग न फैला सके।


सुनिए, उस चश्मदीद की जुबानी एयर स्ट्राइक की कहानी 

"ये हिंदुस्तानी जंगी जहाजों ने जो बालाकोट पर हमला किया है मैं तकरीबन सबको जानता हूं इनका ज्यादातर ताल्लुक जैश-ए-मोहम्मद से है इसमें जो ज्यादातर मारे गए हैं जैश-ए-मोहम्मद से हैं अब मैं कुछ नाम तुम्हारे साथ शेयर कर रहा हूं इनको जरा अपने माइंड में रखना अब्दुर रज्जाक है एक लाहौर के मेजर कराची का अल्ताफ अली चौधरी है रावलपिंडी का मदस्सर अली बहावलपुर के उस्ताद मोहसिन, बन्नू के दो भाई, अली खटक, बहादुर खटक ये दोनों मारे गए हैं गुजरावालां का था एक उसी तंजीम का था वो बड़ा मेजर बंदा उन्होंने मारा है जैश-ए-मोहम्मद से उसका ताल्लुक था 

सॉफ्टवेयर का एक्सपर्ट राणा मोहसुन अली, मियांवली के तौफीक उमर, मोईन अली, सरदार सुहेल, डेरा गाजी खान के कैप्टन रिटायर्ड मुश्ताक, मंडी बावलदीन के शैरयारदीन मॉडल टाउन कराची के वीडियो एडिटिंग स्पेशलिस्ट अली शेख नाम है उसका डेरा इस्माइल खान के आईडी एक्सपर्ट इंजीनियर राणा, ये कुछ नाम है जो मेरे इल्म में थे मैं इनकी पूरी इत्तला दे रहा हूं ये कन्फर्म नहीं है कि इनकी तादाद कितनी है समझ गए हो?

इस फौज ने दिन रात बालाकोट को घेरे में लिया हुआ है लोगों को मार रहे हैं मोबाइल इनसे छीने जा रहे हैं इन्होंने इलाके में इंटरनेट भी बंद कर दिया है ताकि वीडियो, फोटो लोग न फैला सके, लेकिन ये मौके का मंजर था बड़ा दर्दनाक था क्योंकि जख्मी लोगों को ये मेडिकल सुविधाएं भी नहीं दे रहे थे और जो जख्मी थे यकीन मानिए वो चीख-चीखकर इनसे मदद मांग रहे थे लेकिन ये फौजी थे यकीन मानिए इतने बेरहम और जालिम थे इन्होंने डॉक्टर तक वहां नहीं जाने दिया है 

तकरीबन ज्यादातर तादाद में इन्होंने लाशें जलाई भी हैं गाड़ियों से पेट्रोल निकाला है जो पेट्रोल इनके पास था लाशों को जलाया भी है और जो बच गए थे एक नदी है कुनहार उसमें उन्हें फेंक दिया, ताकि कोई भी सुराग न मिल सके, लेकिन इतना रफा-दफा करने के बावजूद भी लोगों के पास वीडियो व्हाट्सअप पर मौजूद है वे एक - दूसरे को भेज भी रहे हैं ऐसा मुझे लग रहा है हिंदुस्तानी हमले से जैश-ए-मोहम्मद और ISI में जबरदस्त खौफ है और अब इन्होंने सभी लड़के वजीरिस्तान अफगानिस्तान बॉर्डर के इलाके में भेज दिए हैं। समझ गए हो न। जबसे ये सारा कुछ हुआ है इन्होंने सारे लड़के शिफ्ट कर दिए हैं वजीरिस्तान अफगानिस्तान बॉर्डर के इलाके में भेज दिए हैं

अगर अगला हमला हिंदुस्तानी जंगी जहाज पाकिस्तानी आर्मी कैंप पर करते हैं उनको मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी। अब हमें उम्मीद है कि हिंदुस्तानी फौजें जो हमला कर रही हैं और दहशतगर्दों को मार रही हैं। हमेशा-हमेशा के लिए हमें इनसे निजात मिल जाएगी।"

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