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अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में होगी 29 अक्टूबर से सुनवाई, 2019 लोकसभा चुनाव से पहले आ सकता है बड़ा फैसला

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अयोध्या मामले में एक केस की सुनवाई करते हुए कहा गया है कि इस्माइल फारूकी मामले को पुनर्विचार के लिए बड़ी बेंच को भेजने की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि अयोध्या मामले पर अब 29 अक्टूबर 2018 से सुनवाई  होगी. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने ये फैसला 2:1 से सुनाया है. बता दें, इस फैसले का मुख्य केस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. इस तरह से अब अयोध्या मामले पर 2019 के बाद फैसला देने की मांग को कोर्ट द्वारा ठुकरा दिया गया है. बता दें, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में एक बार कपिल सिब्बल ने सुनवाई के दौरान इस पूरे मामले पर 2019 के चुनाव के बाद फैसला देने की बात कही थी. 

वहीं अब कोर्ट के द्वारा दिए गए फैसले से अयोध्या मामले में जल्दी फैसला आने की उम्मीद है. अब सवाल बना हुआ है कि क्या 2019 चुनाव के पहले अयोध्या मामले में फैसला आएगा ? बता दें, अयोध्या विवाद में याचिकाकर्ता हाजी महबूब ने कहा है कि विवादित स्थल पर 'फैसला जल्द आए यही सबकी मांग है.'

वहीं बीजेपी ने वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि 'सुप्रीम कोर्ट का फैसला सकारात्मक है.. राम मंदिर का निर्माण साल 2019 के पहले होगा.. दिवाली के पहले मंदिर का निर्माण शुरू हो सकता है.' 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विश्व हिंदू परिषद ने भी स्वागत किया है. VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि ''हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं.. इस केस को 68 साल हो गए हैं .. इस मामले में अब सुनवाई जल्दी-जल्दी होनी चाहिए..''

वहीं राम विलास वेदांती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि ''जजों से निवेदन है कि राम जन्मभूमि का निर्णय जल्दी-जल्दी करें ... हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सदभावना चाहते हैं.. हिंदू मुसलमान दोनों मिलकर शांति की स्थापना करें.. भारत में सांप्रदायिक सद्भावना बनी रहे इस आधार पर हम चाहते हैं कि विश्व में भारत की तरफ से शांति का मैसेज जाए..''

इसके साथ ही वेदांती ने कहा, ''जो निर्णय हाईकोर्ट ने दिया था वहीं निर्णय आने वाला है.. हम लोग भव्य राम मंदिर का अयोध्या में निर्माण कराए और अयोध्या के बाहर मस्जिद का निर्माण कराए ये हमारी भावना है.''

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