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महाराष्ट्र मुद्दे पर अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, कहा- "BJP को मिला जनादेश, लेकिन शिवसेना ने तोड़ा गठबंधन"

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

दिल्ली में रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क का समिट चल रहा है। रिपब्लिक समिट के पहले दिन राजनीतिक हस्तिय़ों से लेकर सितारों का भी तड़का लगा। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट को संबोधित किया, जहां उन्होंने देश के कई ज्वालित मुद्दे पर खुलकर बात की।

जिसके बाद अब समिट के दूसरे दिन केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी से धारा 370 सहित, अयोध्या, सबरीमाला, महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापठक सहित कई मुद्दों पर खुलकर बात की।

महाराष्ट्र राजनीतिक घटनाक्रम पर क्या बोले अमित शाह?

अमित शाह ने कहा कि पूरे चुनाव प्रचार ने उन्हें सीएम उम्मीदवार के रूप में प्रचारित किया, और किसी ने कभी इस पर सवाल नहीं उठाया। हमने लगभग 70% सीटें जीतीं, जिस पर हम लड़े, और शिवसेना ने 42% सीटों पर जीत हासिल की 

बीजेपी अध्यक्ष ने आगे शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे स्पष्ट रूप से लगता है कि शिवसेना ने सार्वजनिक जनादेश को तोड़ा है। जब ये तीनों पार्टियां हाथ मिला रही थीं, तो हर कोई इनकी तारीफ कर रहा था। जैसे ही अजीत पवार ने हमारा समर्थन किया, हमसे सवाल क्यों होने लगे? मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि हमने उनके जनादेश को नहीं तोड़ा। हमने अपने विधायकों को होटलों में नहीं रखा।

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अनुच्छेद 370 पर शाह की दो टूक

गृहमंत्री ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर बोलते हुए कहा कि देश 70 साल से अनुच्छेद 370 पर चर्चा ही कर रहा था। जब से धारा 370 आयी तब से, पहले जनसंघ और फिर भाजपा का ये प्राइम एजेंडा रहा कि हम 370 को हटाएंगे। ये देश के लिए ठीक नहीं है। देश में दो प्रधान, दो निशान और दो संविधान चल नहीं सकते।

अमित शाह ने आगे कश्मीर में सुरक्षाबलों की मौजूदगी की लेकर कहा कि आज भी जम्मू कश्मीर में इतने ही सुरक्षा बल तैनात हैं, जो 1990 से वहां तैनात हैं। जो अतिरिक्त सुरक्षा बल वहां तैनात किये गए थे, उन्हें हटा लिया गया है। अगस्त 2019 से अब तक पत्थरबाजी की घटनाओं में गत वर्ष की तुलना में 40 से 45% तक की कमी आयी है।

उन्होंने आगे कहा कि मेरा aggression किसी पार्टी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं होता है, मेरा aggression अव्यवस्था के खिलाफ और असुरक्षा के खिलाफ है, जो मैं समझता हूं की होना चाहिए। अगर अव्यवस्था या असुरक्षा के खिलाफ गुस्सा नहीं है तो वो गृह मंत्री संवेदनशील नहीं है।

शाह ने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से यह बताना चाहता हूं कि हमने कभी भी शिवसेना को सीएम पद के लिए कोई आश्वासन नहीं दिया। हमारे सीएम अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, और उनका वापस आना ही तर्कसंगत था।

पाकिस्तान को लिया आड़े हाथों 

पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए गृहमंत्री ने कहा कि 370 और 35ए से कश्मीर के लोगों को स्वतंत्र राज्य मिलेगा, ऐसी भ्रांति पाकिस्तान ने फैलाई और इस भ्रांति के आधार पर वहां के युवाओं को गुमराह किया, उनके हाथ में हथियार पकड़ाए और आतंकवाद की जम्मू कश्मीर में एन्ट्री हुई। 

भारत में आतंक फैलाने को लेकर पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए अमित शाह ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि भारत में आतंक फैलाने का षड़यंत्र पाकिस्तान कर रहा है। अब पाकिस्तान पूरे देश में आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा है। 

उन्होंने आगे कहा कि भारत का रिस्पॉन्स पाकिस्तान के एक्शन पर आधारित है, अगर वो शांति चाहते हैं तो उन्हें अपने यहां आतंकवाद को समाप्त करना पड़ेगा। भारत की सीमाओं के अंदर किसी को भी आतंक फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी।


NRC पर विरोधियों को घेरा 

अमित शाह ने कहा कि जो पार्टियां NRC का विरोध कर रही हैं मैं उनसे देश की जनता के सामने पूछना चाहता हूं कि क्या देश के नागरिकों का एक रजिस्टर नहीं होना चाहिए, क्या देश धर्मशाला की तरह चलना चाहिए?

उन्होंने आगे कहा कि NRC में हिन्दू-मुसलमान का कोई भेद नहीं है, Citizenship amendment Bill हम ला रहे हैं, जिसके अंदर सिर्फ हिन्दू नहीं बल्कि बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से जो हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और क्रिश्चियन शरणार्थी आएं हैं उन्हें हम नागरिकता देंगे

तीन तलाक मुद्दा

अमित शाह ने तीन तलाक मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि  दुनिया में कम से कम 40 इस्लामिक देश हैं जिन्होंने ट्रिपल तालाक को हटा दिया है। हम अपने देश में मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते थे और यह सही दिशा में एक कदम था।

प्रत्येक राजनीतिक दल को ऐसे विषयों पर अपने रुख को स्पष्ट करना चाहिए

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