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अलका लांबा ने लगाया AAP नेतृत्व पर गंभीर आरोप, 'मुझे कमज़ोर करके पार्टी को क्या लाभ होगा?'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

आम आदमी पार्टी (आप) में शायद कुछ ठीक नहीं चल रहा है। काफी लंबे वक्त से नाराज आप विधायक अल्का लांबा का एक बार फिर गुस्सा फूटा है । विधायक अलका लांबा ने पार्टी नेतृत्व पर उन्हें कमज़ोर करने का आरोप लगाते हुए पूछा है कि उन्हें कमज़ोर करके पार्टी को क्या लाभ होगा? 

विधायक लांबा ने सोमवार को कहा कि उन्हें आगामी बुधवार को उनके विधानसभा क्षेत्र चांदनी चौक में पार्टी संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रैली की भी सूचना नहीं दी गई है।

उन्होंने अपने बयान में कहा, “20 फ़रवरी को चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जनसभा करने आ रहे हैं, जिसकी मुझे कोई ख़बर नही है।”

पार्टी नेतृत्व से पिछले कुछ समय से नाराज़ चल रहीं लांबा ने अगले विधान सभा चुनाव के लिए अभी से आप उम्मीदवार को मैदान में उतार देने का भी आरोप लगाया। 

उन्होंने कहा, “पार्टी ने पुराने चेहरे को मैदान में 2020 के लिए अभी से उतार भी दिया है, जब कि मैं एक विधायक के तौर पर आज भी पूरी तरह से जनता के बीच सक्रिय रहते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही हूं। मुझे कमज़ोर करके पार्टी को क्या लाभ होगा?” 

आप की ओर से लांबा के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि उन पर कांग्रेस में जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। लांबा ने पार्टी के किसी नेता का नाम लिए बिना कहा, “कांग्रेस से गठबंधन में कोई और ही किसी भी स्तर पर समझौता करने को तैयार बैठा है, जो सबके सामने भी है।” 

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उन्होंने कहा, “जनता ने चुना है, जनता के लिए यूं ही समर्पित रहते हुए अपने काम जारी रखूंगी।”

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गौरतलब है कि हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भारत रत्न सम्मान वापस लेने सम्बंधी आप विधायकों के विधान सभा में पेश कथित प्रस्ताव का विरोध करने के बाद से लाम्बा से पार्टी नेतृत्व नाराज़ है।

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