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तीसरे मोर्चे को लेकर कांग्रेस के ''गठबंधन'' में दरार! कुछ यूं बदले अखिलेश यादव के सुर

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी दांवपेंच तेज होता जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ती जा रही है. वैसे तो मैसम ठंड का है लेकिन बयानबाजी के दौर में पारा परवान पर है. हर कोई आगामी चुनाव को लेकर अपनी अपनी रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है. इस बीच अखिलेश यादव का बयान सामने आया है जो कांग्रेस के लिए जरूर परेशानी की वजह बन सकता है.

दरअसल उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के साथ कौन-कौन सी क्षेत्रीय पार्टियां साथ आएंगी इसकी तस्वीरें अभी तक साफ नहीं हो पाई हैं. लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सुर आज ज़रा बदले-बदले से दिखाई दिए. 

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की गैरमौजूदगी वाले क्षेत्रीय दलों का गठजोड़ बनाने की कवायद को आगे बढ़ाने के लिए तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव दिल्ली पहुंचे थे. ख़बर आ रही थी कि वो अखिलेश यादव से मुलाकात कर सकते हैं. लेकिन दिल्ली में मुलाकात नहीं हुई.

इसी बीच तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी में जुटे मुख्यमंत्री KCR से मुलाकात करने अखिलेश यादव हैदराबाद जाएंगे. इस ख़बर की अखिलेश ने मीडिया के सामने पुष्टि की है.

अखिलेश यादव ने कहा, ''मैं बधाई देता हूं तेलंगाना के मुख्यमंत्री जी को कि इस प्रयास में वो काम कर रहे है. मेरी उनसे बात हुई थी और 25 या 26 को मिलना था लेकिन मैं दोबारा उनसे समय मांगूंगा और मैं खुद उनसे मिलने हैदराबाद जाउंगा. आने वाले समय में उनका भी एक प्रयास है कि किस तरीके से रिजनल पार्टी या एक फेडरल फ्रंट बने उनकी कोशिश है कि एक फेडर फ्रंट देश में बने क्योंकि प्रदेश में तमाम जो मुख्यमंत्री रहे हैं.''

उन्होंने कहा कि उन्होंने काम अच्छा किया है. तो आने वाले समय में मैं उनसे जरूर मिलूंगा जाकर के..

कौन आएगा समाजवादी पार्टी के साथ?

अखिलेश यादव ने इस मौके पर कहा, ''आने वाले समय में किस तरह का गठबंधन होगा कौन-कौन साथ आएंगे और कौन-कौन साथ आना चाहते हैं. ये विकल्प खुला है. समाजवादियों ने काम करके दिखाया था. लेकिन समाजवादियों को कम से कम जो जनता को पसंद हो वो बातें भी हमें जनता से रखनी पड़ेंगी.''

बीजेपी ने धर्म और जाति पर वोट मांगा..

उन्होंने कहा कि ''मैं पहले भारतीय जनता पार्टी को धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने देश में एक बार समाजवादियों की सरकार को हटाया झूठ बोल कर के, उत्तर प्रदेश में और तमाम सपने दिखाए थे. और उन्होंने एक समय पर हमें समाजवादियों को न जाने क्या-क्या कहा था. याद होगा उपचुनाव में क्या कहा था समाजवादियों को लेकर के कि ये दल क्या हैं जो गठबंधन करने जा रहे हैं, उनके बारे में क्या शब्दों का इस्तेमाल किया था.''

''मैं उसके लिए कई बार धन्यवाद दे चुका हूं और मैं उन्हें इस बात का भी धन्यवाद देता हूं बीजेपी को कि कम से कम उन्होंने हमें बैकवर्ड समझा.. हम तो अपने आप को बैकवर्ड ही नहीं समझते थे. हम तो सबको साथ लेकर के चलना चाहते थे. काम पर वोट मांग रहे थे. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने जाति पर और धर्म पर वोट मांगा.''

महागठबंधन और कांग्रेस पर अखिलेश का रुख..

''हम कांग्रेस का भी धन्यवाद देंगे कि मध्यप्रदेश में हमारे विधायक को मंत्री नहीं बनाया हम उनका भी धन्यवाद देते हैं और बीजेपी का भी कि कम से कम समाजवादियों का रास्ता साफ कर दिया.''

अखिलेश यादव के बयान से ये तो साफ हो गया है कि मध्यप्रदेश में सपा के विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने को लेकर वो कांग्रेस से नाराज हैं ऐसे में तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी में जुटे मुख्यमंत्री KCR की कवायद कितनी कारगर साबित होती है ये देखने वाली बात होगी.

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