Politics

LIVE : धुर-विरोधी SP-BSP एक मंच पर, मायावती ने कहा - ये गुरु चेला यानी पीएम मोदी - शाह की नींद उड़ाने वाली प्रेंस कॉन्फ्रेंस है

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश के राजनीति में धुर विरोधी मायावती और अखिलेश यादव आज लखनऊ के गोमती नगर स्तिथ होटल ताज में दोपहर 12 बजे से प्रेस कॉन्फ्रेस कर रही है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहुजन समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन का ऐलान किया जा सकता है. बता दें कि इससे पहले अखिलेश यादव ने पिछले शुक्रवार को दिल्ली स्थित मायावती के आवास पर आकर मुलाकात की थी.  

12.25  PM : अखिलेश यादव ने मायावती का समर्थन करते हुए कहा, यूपी ने देश को कई सारे प्रधानमंत्री दिए है.  हमें खुशी होगी की यूपी से फिर एक प्रधानमंत्री बने. 

12. 30 PM - अखिलेश ने कहा - बीजेपी के राज में हर वर्ग परेशान

12. 31 PM - अखिलेश ने कहा - बीजेपी ने समाज में नफरत बढ़ाया है. 

12. 32 PM - अखिलेश ने कहा - बीजेपी ने यूपी को जाति प्रदेश बनाया. 

12. 33 PM -  अखिलेश ने कहा -  यूपी में बेकसूल लोगों के एनकाउंट किया गया . 

12. 34 PM -  अखिलेश ने कहा -  इनके सरकार में इलाज, जख्मी से इलाज से पहले जाति पूछी जाती है.

12. 27 PM -  मायावती ने कहा -  हम गेस्ट हाउस कांड जैसे बीती बातें भुलाकर साथ आए हैं.

12.26  PM - मायावती ने कहा - सपा-बसपा के गठबंधन ने जनता को एक नई उम्मीद दी है. हम पिछड़ों, गरीबों और अल्पसंख्यकों की ताकत बनेंगे. बीजेपी ने जनता को धोखा देकर प्रदेश और केंद्र में सरकार बनाई है. हमने बीजेपी को पहले ही उपचुनाव में हरा दिया है. यह गरीबों, मजदूरों, कारोबारियों, युवाओं, महिलाओं, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों का गठबंधन है. 

12. 25 pm - मायावती ने कहा कि जनहित को ध्यान में रख कर गठबंधन किया है.

 12. 22 pm - मुलायम सिंह और कांशीराम ने मिल कर 1993 में बीजेपी को हराया था.

12. 20 pm  - बीजेपी को सत्ता में आने से यूपी से ही रोका जा सकता है. 

12. 15 pm -  मायावती ने कहा -  हमारी पार्टी  बीएसपी ने अंबेडकर के देहांत के बाद उनके सपनों को गती प्रदान किया.  

12. 10 pm मायावती ने कहा - मोदी-शाह यानी गुरु चेला की नींद उड़ाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस है.

26 साल पहले यानी 1993 में हुए गेस्ट हाउस कांड के बाद दोनों पार्टियों में आई दूरी के बाद यह पहला मौका है जब दोनों नेता एक साथ पत्रकारों के सामने रुबरु हो रहे हैं. 

मुलाकात के बाद सूत्रों के मुताबिक ऐसी खबरें थीं कि दोनों के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो चुका है. अब केवल इसका औपचारिक ऐलान थोड़ी ही देर में किया जाएगा.

बता दें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में यूपी में इस गठबंधन का क्या सवरुप होगा इसका भी ऐलान किया जाएगा. जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी 35 सीट , बसपा 36 सीट और राष्ट्रीय लोकदल 3 सीट पर चुनाव लड़ेगी . वहीं  कुछ सीटे रिजर्व रखी जाएंगी. इसके अलावा गठबंधन अमेठी और रायबरेली में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा.

यूपी में अवैध खनन मामले को लेकर सीबीआई द्वारा शिकंजा कसने के बाद बसपा अध्यक्ष मायवती ने अखिलेश यादव को फोन किया था. मायावती ने इसे बीजेपी का घिनौना षड्यंत्र करार दिया था. उन्होंने कहा था कि ये बीजेपी का पुराना हथकंडा है. 

याद दिला दें कि गोरखपुर उपचुनाव से ही दोनों पार्टियों 26 साल की पुरानी दुश्मनी भुला कर साथ आईं थीं. अखिलेश यादव पर हाल ही में सीबीआई द्वारा अवैध खनन मामले में शिकंजा कसने के बाद मायावती पूरी तरह से उसके साथ दिखी . 

यह भी कहा जा रहा है कि अगर अखिलेश और माया गठबंधन करते हैं तो 25 साल पहले का करिश्मा फिर से दोहराया जा सकता है, जब एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कांशीराम के साथ बीजेपी को रोकने के लिए हाथ मिलाकार यूपी में सरकार बनाई थी.

 

DO NOT MISS