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अखिलेश यादव ने कांग्रेस के सामने रखी शर्त, इस पार्टी को साथ लिए बिना नहीं होगा कोई गठबंधन...

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस एक बड़ा दल है और इसलिए उसकी जिम्मेदारी है कि वह छोटे दलों को अपने साथ ले.

खजुराहो में मंगलवार को पत्रकार वार्ता में गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने स्पष्ट किया, ‘‘कांग्रेस एक बड़ा दल है और इस नाते उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह छोटे दलों को भी साथ ले. एक समय था जब समाजवादी पार्टी के आठ विधायक मध्यप्रदेश में थे, हमारा मत प्रतिशत भी ठीक था. हम तो चाहते थे कि कांग्रेस के साथ गठबंधन हो, पर कांग्रेस को लगता है कि हममें बल नहीं है. अब गठबंधन की बात तो सिर्फ हमसे नहीं बल्कि बसपा के साथ भी करनी होगी, तभी गठबंधन हो पाएगा.’’ उन्होंने कहा कि हमारा गठबंधन छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हो चुका है और बसपा से बात चल रही है.

गुजरात में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हो रही घटनाओं पर उन्होंने कहा की दोषियों पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए. पर उत्तर भारत के लोगों को वहां से निकाला जाना उचित नहीं है . उन्होंने कहा कि ये तो नहीं हो सकता कि एक घटना का सहारा लेकर आप सबको मार कर भगा दें.

सपा अध्यक्ष ने भाजपा हटाइए सुख चैन से रहिए का नारा देते हुए कहा कि भाजपा को हटा दो, समाज में प्यार मोहब्बत होगी क्योंकि भाजपा तो प्रयोग करती है कि लोग दुखी कैसे हों, रात में नोट बंदी कर दी, देश लाइन में खड़ा हो गया, जीएसटी लागू कर दी, तो व्यापारी परेशां हो गया, सुप्रीम कोर्ट के फैसले आए तो उसमें भी कुछ करने लगे.

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है.

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने कुछ दिनों पहले कांग्रेस से आगामी चुनावों में साथ लड़ने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा कि हम बेचारा पार्टी नहीं हैं. कांग्रेस को चेताते हुए अखिलेश ने कहा राजनीति में इतना लंबा इंतजार नहीं किया जाता.

इससे पहले मायावती ने कहा था कि वह मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उनके फैसले को भाजपा के खिलाफ विपक्ष के महागठबंधन बनाने के प्रयासों के लिये बड़ा झटका माना जा रहा है.

 

(इनपुट- भाषा)

 

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