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अवैध रेत खनन : अखिलेश और सपा के एक अन्य नेता को सीबीआई कर सकती है तलब

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

सीबीआई ने अवैध रेत खनन मामले में शनिवार को 14 स्थानों पर तलाशी ली .  साथ ही, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा के एक अन्य नेता को भी केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा तलब किए जाने की संभावना है .  

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने जिन प्रमुख लोगों के आवासों में तलाशी ली है, उनमें 2008 बैच की आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला भी शामिल हैं .  वह कथित तौर पर भ्रष्टाचार रोधी अपने अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चित रही हैं .

उन्होंने बताया कि जालौन, हमीरपुर, लखनऊ और दिल्ली सहित कई स्थानों पर तलाशी ली गई .  

अखिलेश के अलावा सीबीआई द्वारा गायत्री प्रजापति से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है .  चित्रकूट निवासी एक महिला द्वारा बलात्कार का शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद प्रजापति को 2017 में गिरफ्तार किया गया था .  

अधिकारियों ने बताया कि अखिलेश के पास 2012 से जून 2013 के बीच खनन विभाग का अतिरिक्त प्रभार था .

यह आरोप है कि लोक सेवकों ने 2012 - 16 के दौरान अवैध खनन की इजाजत दी और खनन पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के प्रतिबंध के बावजूद लाइसेंसों का अवैध रूप से नवीनीकरण किया .  यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने खनिजों की चोरी कराई, पट्टे लेने वालों और वाहन चालकों से धन की वसूली की .

गौरतलब है कि खनिजों के अवैध खनन के मामले में 2016 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सीबीआई ने सात प्राथमिक जांच दर्ज की थी .  

लोक सेवकों, 11 लोगों और अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है .  

आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला पर कसा शिंकजा

सीबीआई ने शनिवार को फेसबुक पर लोकप्रिय  IAS बी चंद्रकला  के लखनऊ आवास पर छापा मारा था . यूपी के हमीरपुर में हुए अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने यह कार्रवाई की है. जानकारी के अनुसार टीम ने घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं. लखनऊ के सफायर अपार्टमैंट के फ्लैट नंबर 101 में सीबाईआई की टीम ने सुबह छापा मारा, उस वक्ता बी. चंद्रकला अपने आवास पर मौजूद नहीं थीं. फिलहाल कार्रवाई जारी है. 

बता दें कि अखिलेश यादव सरकार में आईएएस बी. चंद्रकला की पोस्टिंग पहली बार हमीरपुर जिले में जिलाधिकारी के पद पर की गई थी. आरोप है कि आईएएस ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौंरग के खनन के पट्टे किए थे. जबकि ई - टेंडर के जरिए यहां के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रवाधान था लेकिन बी . चंद्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की थी. 

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