Politics

दिल्ली में आज होगा अनोखा विरोध प्रदर्शन, BJP और AAP जलाएंगे एक-दूसरे का मैनिफेस्टो

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

आज बीजेपी और आम आदमी पार्टी एक अनोखा विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं, बीजेपी और आम आदमी दोनों ही एक दूसरे के मैनिफेस्टो को जलाने वाले हैं। लोकसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। ऐसे में राजधानी का अपना अलग ही महत्व है। दोनों ही पार्टियां अपने-अपने जीत के दांवे कर रही हैं।

दिल्ली के तख्त के लिए सियासी जंग का आगाज हो चुका है। दिल्ली का ताज उसके सर पर होगा जो सात चरणों का सियासी युद्ध जीतेगा। अब सियासी युद्ध है, तो कुछ अनोखे नजारे भी देखने को मिलेंगे, बात दिल्ली की है, आज मैनिफेस्टो जलाओ कार्यक्रम होने वाला है।

आम आदमी पार्टी दिल्ली की सभी लोकसभा सीटों पर दावा ठोंक रही है, वहीं बीजेपी के लिए आने वाले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से पिछले विधानसभा चुनाव का बदला लेने का मौका है। दोनों ही पार्टियां आज एक-दूसरे पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए एक-दूसरे घोषणा पत्रों को जलाएंगी।

आपको बता दें कि जंतर मंतर में दोपहर 1 बजे केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और गोपाल राय बीजेपी के मैनिफेस्टों जलाएंगे, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से विजय गोयल की अगुवाई में सुबह साढ़े ग्यारह बजे  आम आदमी पार्टी का घोषणा पत्र जलाया जाएगा।

घोषणा पत्र मतलब चुनाव के पहले राजनीतिक दल जनता से कुछ वादें करते हैं, मैनिफेस्टो.. मतलब राजनीतिक दलों का आम लोगों को दिया गया वचन, जो उन्हें सत्ता मिलने पर पूरे करने होते हैं, और आज दिल्ली में ऐसे ही वचन पत्रों को जलाया जाना है।

दिल्ली के जंतर-मतर पर कई आंदोलन देखें गए हैं, लेकिन आज वहां कुछ अनोखा, कुछ नया होने वाला है। आज बीजेपी केजरीवाल के वादों की फेहरिस्त को आग के हवाले करेगी।

बीजेपी का दावा है कि केजरीवाल ने दिल्ली को धोखा दिया है, अब दिल्ली को धोखा मिला है, तो बीजेपी गुस्से में है, वो अपना गुस्सा केजरीवाल के मैनिफेस्टो को जलाकर दिखाएगी।

दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी है, जो कभी कांग्रेस को गाली देकर सत्ता में आई थी, आज कांग्रेस के साथ गठबंधन ना होने पर दुखी है।

आम आदमी पार्टी उस केजरीवाल की पार्टी है, जो ईमानदार राजनीति का दंभ भरती थी। आरोप लगाकर माफी मांगने वाले केजरीवाल के साथी आज बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उसका घोषणा पत्र जलाएंगे।

इसे भी पढ़ें - 

तो तय मानिए, आज मैनिफेस्टो जलाए जाएंगे, आरोप लगाए जाएंगे, कुछ दिनों की बात फिर से घोषणा पत्र जारी होंगे। वैसे भी सियासी गलियारे की तरफ से किए गए वादे कहां पूरे होते हैं। जनता को याद रहता नहीं, पार्टियां याद रखती नहीं, लेकिन कौन जानता था कि गलता से किए गए वादे वो देश की राजधानी दिल्ली में सरेआम जलाया जाएगा।

DO NOT MISS