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राफेल विवाद: केंद्र की पुनर्विचार याचिका पर SC में सुनवाई आज, देखें LIVE UPDATES

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

यहां पढ़ें LIVE UPDATE : 

LIVE UPDATE दोपहर 3:49 बजे

  • सरकार ने खुद 10 से ज्यादा रक्षा सौदों के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट दायर की है। ऐसे में यह अब विशेषाधिकार का दावा है सही नहीं है, राफेल एकमात्र मामला है जहां उन्होंने मूल्य निर्धारण विवरण को फिर से लिखा है- प्रशांत भूषण

LIVE UPDATE दोपहर 3:43 बजे

  • प्रशांत भूषण ने पूछा कि जब नवंबर 2018 से ही ये दस्तावेज बाहर आने शुरू हो ग‌ए थे तो सरकार ने कोई प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की। जब खुद तत्कालीन रक्षा मंत्री द्वारा नोटिंग वाले दस्तावेज को लीक करते हैं, तो सरकार अब ऐसा कैसे कह सकते हैं?

LIVE UPDATE दोपहर 3:36 बजे

  • प्रशांत भूषण की दलील- जिन दस्तावेजों को हवाला दिया जा रहा है, वो पहले से ही पब्लिक डोमेन में है। सरकार द्वारा सुरक्षा की दुहाई देकर विरोध करने का कोई मतलब नहीं है

LIVE UPDATE दोपहर 3:33 बजे

  • प्रशांत भूषण- 'ये कागजात देश की सुरक्षा के खतरे पर सवाल नहीं खड़ा करता'

LIVE UPDATE दोपहर 3:31 बजे

  • वकील एमएल शर्मा ने कहा कि अगर दस्तावेज गोपनीय है तो सरकार ने अभी तक उक्त मामले में ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत केस क्यों नहीं दर्ज कराया?

LIVE UPDATE दोपहर 3:22 बजे

  • AG ने कहा- 'उन्होंने चोरी कर ये डॉक्यूमेंट कोर्ट में  पेश किए है। अब उनको सुनवाई का आधार न बनाया जाए। नियमों के मुताबिक स्टेट डॉक्यूमेंट बिना ज़रूरी इजाज़त के पब्लिश नहीं किये जा सकते'

LIVE UPDATE दोपहर 3:15 बजे

  • जस्टिस सजंय किशन कौल का सवाल- अब किस तरह के प्रिविलेज की बात आप कर रहे है, ये दस्तावेज पहले ही कोर्ट में पेश किए जा चुके है

LIVE UPDATE दोपहर 3:13 बजे

  • AG ने कहा कि कैग रिपोर्ट दायर करने में सरकार से चूक हुई है, उसमें तीन पेज गायब है। वो इन पेज को भी रिकॉर्ड पर लाना चाहते है। AG ने लीक हुई पेज को रिव्यू पिटीशन को हटाने की मांग की। सरकार का दावा है कि ये प्रिविलेज्ड डॉक्यूमेंट है।

LIVE UPDATE दोपहर 3:12 बजे

  • AG ने कहा- 'ऑफिसियल सिक्रेट एक्ट का उदाहरण दिया, कहा कि ऐसे दस्तावेजों को चोरी से हासिल करना भी अपराध है'
  • AG ने  RTI के हवाले से भी ऐसी जानकारियां हासिल करने की भी दलील दी।

LIVE UPDATE दोपहर 3:08 बजे

  • CJI- आपने दस्तावेजों के विशेष अधिकार का दावा किया है, हमें संतुष्ट करिए।

LIVE UPDATE दोपहर 3:07 बजे

  • गोपनीय दस्तावेज को साक्ष्य अधिनियम के तहत साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता- AG की दलील

LIVE UPDATE दोपहर 3:05 बजे

  • ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का अटार्नी ने उदाहरण दिया, कहा- 'ऐसे कागजात को सबूत नहीं माना जा सकता'

राफेल विवाद पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। बुधवार की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 14 दिसंबर के फैसले को सही बताया था। और कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज पुनर्विचार याचिका के साथ संलग्न कर सार्वजनिक किये जाने से राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ी है।

सरकार ने कोर्ट से अपील की है कि पुनर्विचार याचिका से संलग्न दस्तावेजों को हटाकर खारिज कर देना चाहिए। पुनर्विचार याचिका दाखिल करने वालों में बीजेपी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण भी शामिल हैं।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राफेल से संबंधित दस्तावेजों के लीक होने से राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पद गई है। केंद्र का कहना है कि जिन लोगों ने कागज़ात की फोटोकॉपी करने की साजिश रची है। केंद्र ने हलफनामें में बताया कि 28 फरवरी को इम मामले पर जांच बैठा दी गई है।

सरकार का हलफनामा

  • संवेदनशील दस्तावेज याचिका से साथ लगाए गए 
  • दस्तावेज सार्वजनिक होने से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा
  • दस्तावेजों को चोरी करने का काम किया गया 
  • मामले में आंतरिक जांच कर रही है 
  • कोर्ट से याचिका खारिज करने की मांग

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है, जिसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता संवेदनशील जानकारी लीक करने के दोषी हैं। रक्षा मंत्रालय ने हलफनामे में कहा है कि राफेल समीक्षा केस में याचिकाकर्ताओं द्वारा सामने रखे गए दस्तावेज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हैं।

राफेल, सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिसंबर, 2018 को राफेल जेट खरीद मामले में अपने फैसले की समीक्षा करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की। 

राफेल मामले में दो समीक्षा याचिकाएं हैं- एक पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण, और दूसरे AAP सांसद संजय सिंह ने अपने हलफनामे केंद्र में प्रस्तुत किया है कि राफेल समीक्षा याचिका में दस्तावेज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील हैं क्योंकि वे युद्धक विमान की युद्ध क्षमता और फोटोकॉपी चोरी करने से संबंधित हैं।

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