Law and Order

तबलीगी जमात के 25 हजार से ज्यादा सदस्यों को क्वारंटीन में रखा, हिमाचल में 97 जमातियों के खिलाफ केस दर्ज

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में अभी तक तबलीगी जमात के 25,500 से ज्यादा सदस्यों और उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि हरियाणा के पांच गांवों को सील कर दिया गया है और सदस्यों को क्वारंटीन में रखा गया है क्योंकि तबलीगी जमात के सदस्य वहां ठहरे थे। उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात के कुल 2,083 विदेशी सदस्यों में से 1,750 सदस्यों को अभी तक कालीसूची में डाला जा चुका है। 

श्रीवास्तव ने कहा कि केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर उनसे सभी से कोविड-19 के मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण मेडिकल ऑक्सीजन की अबाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है, साथ ही इस दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने पर भी ध्यान देने को कहा है।

हिमाचल में 97 जमातियों पर केस दर्ज​​​​​​

वहीं इससे पहले, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने 97 जमात सदस्यों के खिलाफ विभिन्न आरोपों में मामले दर्ज किये हैं। इन आरोपों में कोरोना वायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार लापरवाहीपूर्ण कृत्य और अधिकारियों से सूचना छुपाना शामिल है। पुलिस अधीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) कुशल शर्मा ने कहा कि इनमें से अधिकतर पिछले महीने राजधानी दिल्ली में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

उन्होंने कहा कि ऊना जिले में 14 जमात सदस्यों के खिलाफ पांच प्राथमिकी दर्ज की गई, मंडी में सात सदस्यों के खिलाफ चार प्राथमिकी, शिमला में 15 सदस्यों के खिलाफ तीन प्राथमिकी, बद्दी में 45 सदस्यों के खिलाफ दो, बिलासपुर में पांच सदस्यों के खिलाफ दो, सिरमौर जिले में दो जमात सदस्यों के खिलाफ दो प्राथमिकी, चंबा में आठ सदस्यों के खिलाफ एक प्राथमिकी और कांगड़ा में एक व्यक्ति के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि साथ ही दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद राज्य में लौटे 329 लोगों के अलावा उनके संपर्क में आए लोगों को भी पृथक किया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकांश का पता पुलिस ने लगाया जबकि प्राधिकारियों द्वारा सख्त कार्रवाई की चेतावनी देने के बाद 64 ने खुद की कोविड-19 जांच कराने के लिए अधिकारियों को जानकारी दी।