Law and Order

26/11 का आतंकी कसाब जहां बंद था... मुंबई की उसी जेल में रहेगा भगोड़ा माल्या

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

ब्रिटेन की एक अदालत ने कहा है कि ये मानने के लिए ‘‘कोई आधार नहीं है’’ कि मुंबई के आर्थर रोड कारागार में शराब कारोबारी विजय माल्या को किसी प्रकार का खतरा है जिसे हाल में ‘‘फिर से सजाया-संवारा’’ गया है.

भारत के शराब कारोबारी के इस दावे को कि मुंबई की जेल सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है. ब्रिटेन की अदालत ने सोमवार को खारिज कर दिया और उनके प्रत्यर्पण का आदेश दिया. किंगफिशर एयरलाइन के मालिक भगोड़े माल्या के लिए कारा अधिकारियों ने उच्च सुरक्षा वाला एक प्रकोष्ठ तैयार कर रखा है.

द वेस्टमिंस्टर की मजिस्ट्रेट अदालत के मुख्य मजिस्ट्रेट जज एम्मा आर्बथनॉट ने माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया. इससे भारत के उन कोशिशों को मजबूती मिली है, जिसके तहत इस भगोड़े माल्या को कथित धोखाधड़ी और लगभग 9000 करोड़ रूपए के मौद्रिक शोधन मामले में स्वदेश वापस लाने की कोशिश की जा रही थी. मानवाधिकारों के आधार पर प्रत्यर्पण रोकने के बचाव पक्ष के भारतीय कारागार की दयनीय स्थिति संबंधी दलील को अदालत ने खारिज कर दिया.

अदालत ने कहा कि मुंबई के आर्थर रोड कारागार के बैरक संख्या 12 का वीडियो उसका सटीक चित्रण देता है और इसे हाल ही में फिर से सजाया-संवारा गया है.

गौरतलब है कि माल्या को वापस लाए जाने के बाद आर्थर रोड के इसी बैरक में रखा जाएगा.

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘माल्या को उसके सुगर और आंखों की दिक्कतों के लिए उनके पर्सनल डॉक्टर उनके इलाज के लिए मुहैया कराए जाएंगे. इस बात का कोई आधार नहीं है कि उसे वहां (जेल में) किसी प्रकार का जोखिम है.’’ उन्होंने फैसला सुनाते हुए ये भी कहा कि उसके (माल्या) खिलाफ झूठे मामले चलाये जाने के भी कोई संकेत नहीं मिले हैं.

न्यायाधीश ने कहा कि साक्ष्यों पर पूरी तरह विचार करने के बाद इस मामले में जवाब देना बनता है. इसके बाद उन्होंने यह फैसला दिया कि माल्या के खिलाफ CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से लगाए गए आरोपों की सुनवाई के लिए उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है. धोखाधड़ी और लगभग नौ हजार करोड़ रूपए के मौद्रिक शोधन के आरोपों में माल्या भारत में वांछित है. प्रत्यर्पण वारंट के बाद पिछले साल अप्रैल में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और तब से वो जमानत पर है.

दूसरी ओर मुंबई में एक कारा अधिकारी ने बताया कि प्रत्यर्पण के बाद माल्या को उच्च सुरक्षा वाले बैरक में रखा जाएगा. ये बैरक कारा परिसर में एक दो मंजिली इमारत है. इसी बैरक में 26/11 के हमले के आतंकवादी मोहम्मद अजमल कसाब को रखा गया था.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि मुंबई का आर्थर रोड कारागार देश में सबसे बेहतर है.

(इनपुट : भाषा)

DO NOT MISS