Law and Order

सनातन संस्था के फाउंडर जयंत आठवले से ATS कर सकती है पूछताछ ..

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

सनातन टेरर प्लॉट में एक नया खुलासा हुआ है. बता दें, महाराष्ट्र ATS ने रिपब्लिक टीवी को बताया है कि अगर जरूरत पड़ी तो सनातन संस्था के फाउंडर जयंत आठवले को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. इसके साथ ही ATS ने रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए कहा, सनातन संस्थान "राष्ट्रव्यापी आतंकवादी संगठन है और इन समूहों के सदस्य कई राज्यों में सक्रिय हैं" ''इस आतंकवादी संगठन के सभी ग्रुप अपने काम को गुप्त रूप से करते थे. एक ग्रुप को दूसरे ग्रुप के बारे में पता नहीं होता था.. पिछले 10 सालों में इस Right-wing ग्रुप ने अपनी गलतियों से बहुत कुछ सीखा है.. और अब ये लोग बम बनाने में काफी परिपक्व हो गए हैं. '' इसके साथ ही ATS ने कहा है कि ''जो आरोपी है वो कई राज्यों में घुम चुका है जिसमें गोवा भी शमिल है.''

इससे पहले रविवार को महाराष्ट्र पुलिस ने शिवसेना के कोरपोरेटर श्रीकांत पांगारकर को गिरफ्तार किया था. बता दें, श्रीकांत पांगारकर का लिंक राज्य के विभिन्न हिस्सों से पाए गए कच्चे बम और हथियारों से था. महाराष्ट्र पुलिस के सूत्रों ने रिपब्लिक टीवी को बताया है कि श्रीकांत पांगारकर के संबंध सनातन से हैं और वो मराठा आंदोलन के दौरान एक बड़ा अटैक करने की कोशिश में था. 

बता दें, 17 अगस्त को सनातन साधक वैभव राउत के समर्थन में एक प्रदर्शन किया गया था. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कथित रूप से ATS पर वैभव राउत को झूठे टेरर केस में फंसाने का आरोप लगाया था. बता दें, इस विरोध प्रदर्शन में कोई अप्रिय घटना न हो जाए इसलिए इसमें 50 सीनियर पुलिस अफसर के साथ 750 पुलिस कर्मियों को ड्यूटी पर लगया गया था.  

 Right-wing हिंदू संगठन के मेंबर वैभव राउत,  सुधन्वा गोंधळेकर और शरद कळसरकर को महाराष्ट्र ATS के द्वारा गिरफ्तार कर लि या गया है. इन लोगों ने मराठा मोर्चा के पास बम लगाने का प्लान बनाया था. ये प्लान सरकार को एक मैसेज देने के लिए बनाया गया था. बता दें, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी ने इस बात को कबूल भी कर लिया  है.    

सूत्रों के मुताबिक इन सबने मराठा मोर्चा के 100 से 150 मीटर की दूरी पर बम लगाने का प्लान बनाया था. वैभव राउत के घर और दुकानों में पाए गए कच्चे बम मराठा मोर्चा रैली में विस्फोट के उद्देश्य से बनाए गए थे.  ATS के सूत्रों ने रिपब्लिक टीवी को बताया है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हथियार और गोला बारूद से संबंधित एक बड़ी साजिश के बारे में खुलासा किया है. 

ATS के सूत्रों ने बताया है कि पूछ ताछ के दौरान उन्होंने बताया है कि उनमें से तीन कानपुर में हथियार आपू र्तिकर्ता से मिले थे क्योंकि वो किसी भी अन्य जगह से हथियार खरीदने से डर रहे थे क्योंकि उन्हें एजें सियों की नजर में आने का डर था .  सूत्रों ने बताया कि उन्होंने यह भी खुलासा किया था कि उन्होंने हथि यारों को संभालने के लिए लगभग 3 दिनों की ट्रेनिंग भी ली थी.   

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने बम बनाना असम के एक उग्रवादी से सीखा था. वो    प्रैल  2017 में असम में उस उग्रवादी से मिला था और जब वो बम बनाना सीख गया तब वो महाराष्ट्र वापस आ गया.  उनकी वापसी के बाद, वैभव राउत ने नालासोपारा में बम और हथियार बनाने का काम शुरू किया, जबकि सुधन्वा ने पुणे में शुरू किया..

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