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डिलीवरी बॉय विवाद: अमित शुक्ल ने कहा, 'Zomato से नहीं चाहिए रिफंड, कौन खाना देगा मुझे चुनने का हक है'

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

भोजन आपूर्ति करने वाली कंपनी जोमैटो ने अपने एक ग्राहक के धार्मिक भेदभाव वाले रवैए का जिस तरह से मुकाबला किया है उसको सोशल मीडिया पर खूब समर्थन मिल रहा है। कंपनी ने अपने नेटवर्क पर भोजन पैकेट पहुंचाने वाले एक लड़के के धर्म को लेकर ग्राहक की शिकायत को सुनने से इनकार कर दिया।

मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले अमित शुक्ला ने जोमैटो से खाना मंगाया। जब शुक्ला ने देखा कि खाना पहुंचाने आया मुस्लिम है, तो उसने जोमैटो से अलग डिलिवरी ब्वॉय भेजने को कहा। जिसके बाद से सोशल साइट्स पर प्रतिक्रियाओं का बाढ़ आ गई है। 

रिपब्लिक भारत से बात करते हुए अमित शुक्ला ने विस्तार से अपना पक्ष रखा और खाने का ऑर्डर कैसिंल करने को अपने धार्मिक अधिकार बताया। अमित ने कहा कि जब मैंने खाने का ऑर्डर किया तो वहां से दो या तीन मिनट में खाने की जानकारी के साथ रिस्पॉन्स आया। मैंने फिर दो या तीन मिनट के अंदर अपनी आपत्ति जताते हुए कंपनी से कहा कि या तो डिलवरी बॉय बदल दीजिए या खाना कैसिंल कर दीजिए। ॉ

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उनके अनुसार कंपनी ने जवाब दिया कि हम डिलवरी बॉय को बदल नहीं सकते हैं और ना ही आपको कोई रिफंड नहीं करेंगे। जिसके जवाब में मैंने कहा कि कोई बात नहीं आप पैसे रिफंड मत करिए लेकिन आप ऑर्डर कैसिंल कर दीजिए।  जब अमित ऑर्डर कैसिंल करने की वजह पूछी गई तो उन्होंने हिंदुओं के पवित्र सावन महीने का हवाला देते हुए कहा कि इस वजह से मैंने गैरधर्म के डिलीवरी बॉय से खाना लेने से मना कर दिया और ऐसा करना मेरी धार्मिक स्वंत्रता के अंदर आता है। 

अमित ने आगे कंपनी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने इस बात का बड़ी उत्तेजना के साथ फायदा उठाने की कोशिश की। 

इससे पहले शुक्ला ने मंगलवार की रात ट्वीट किया, ‘‘अभी-अभी मैंने जोमैटो से एक ऑर्डर रद्द किया। उन्होंने मेरा खाना गैर-हिन्दू व्यक्ति के हाथ भेजा और कहा कि वे इसे न तो बदल सकते हैं और न ही आर्डर रद्द करने पर पैसा वापस कर सकते हैं। मैंने कहा कि आप मुझे खाना लेने के लिये बाध्य नहीं कर सकते हैं। मुझे पैसा वापस नहीं चाहिये, बस ऑर्डर रद्द करो।’’ 

उसने जोमैटो के कस्टमर केयर से की गयी बातचीत का स्क्रीनशॉट भी लगाया और कहा कि वह अपने वकील से इस बारे में परामर्श करेगा।

जोमैटो ने इस ट्वीट के जवाब में लिखा, ‘‘खाने का कोई धर्म नहीं होता है। खाना खुद ही एक धर्म है।’’ 

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