General News

उत्तर प्रदेश के आसमान में बिछेगा 'हवाई कनेक्टिविटी' का जाल

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

वह दिन दूर नहीं, जब उत्तर प्रदेश के आसमान में देश और प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली हवाई कनेक्टिविटी का जाल बिछा होगा . मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ठोस नागर विमानन नीति के जरिए इस प्रयास को अमली जामा पहनाने में तत्परता से जुट गयी है और इसके परिणाम भी सामने नजर आने लगे हैं .

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी से कहा, 'योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रमुख शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य प्रारंभ किया है . एयर इंडिया, जेट एयरवेज और इंडिगो जैसी विमानन कंपनियों के हवाई मानचित्र में अब उत्तर प्रदेश प्रमुखता से शामिल है .' उन्होंने कहा, 'जेवर में अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण विमानन क्षेत्र की अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है . इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडे पर दबाव कम होगा .' प्रवक्ता ने बताया कि पहले प्रदेश में केवल दो हवाई अड्डे लखनऊ और वाराणसी में थे, लेकिन अब गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज और आगरा भी इस क्रम में जुड़े हैं.

उन्होंने बताया कि नौ हवाई अडडों पर कार्य चल रहा है जहां आने वाले समय में पुरानी हवाई पटटी को हवाई अडडे के रूप में विकसित किया जाएगा . प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने धार्मिक नगरी अयोध्या में एयरपोर्ट के निर्माण का निर्णय लिया है . इसकी अनुमानित लागत 641 करोड़ रुपए है . हाल ही में उत्तर प्रदेश विधानसभा में पारित दूसरी अनुपूरक मांग के माध्यम से अयोध्या में एयरपोर्ट के निर्माण के प्रारम्भिक कार्यों के लिए बजट का प्रस्ताव किया गया, जिसके तहत अयोध्या में एयरपोर्ट की स्थापना हेतु 200 करोड़ रुपये की मांग की गई थी .

प्रवक्ता ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट की स्थापना हेतु भूमि क्रय के लिए आवश्यक 2500 करोड़ रुपए के सापेक्ष 2200 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है. शेष राशि की व्यवस्था के लिए अनुपूरक मांग प्रस्तावित की गयी .

उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन विभाग के अन्तर्गत जेवर में हवाई अडडे की स्थापना हेतु 300 करोड़ रुपये की मांग की गयी थी . विधानसभा की ओर से पारित दूसरे अनुपूरक बजट में यह शामिल है .

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में 18 मंडल मुख्यालय ओर 75 जिले हैं . राज्य सरकार ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना :आरसीएस: शुरू की है, जिसके तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच करार पर हस्ताक्षर हो चुके हैं.

प्रवक्ता ने बताया कि इस नीति के तहत प्रदेश में नागर विमानन के क्षेत्र में अनुकूल कारोबारी वातावरण बनाया जा रहा है . ना सिर्फ मजबूत नागर विमानन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है बल्कि इस क्षेत्र में निवेश को भी आकर्षित किया जा रहा है .

उन्होंने बताया कि आरसीएस के तहत देश के बाकी हिस्सों से उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है . इससे व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा . एयर कार्गो हब के विकास को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में कृषि निर्यात, विनिर्माण और ई-कॉमर्स कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है .

प्रवक्ता ने बताया कि संभावनाओं की दृष्टि से जिन शहरों में हवाई परिचालन की तैयारी है, उनमें सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, झांसी, चित्रकूट, आजमगढ़, अलीगढ़, सोनभद्र(मिर्जापुर), श्रावस्ती, बरेली, कुशीनगर, हिंडन (गाजियाबाद), पलिया (लखीमपुर खीरी), बस्ती शामिल हैं . पर्यटन स्थलों की बात करें तो वृंदावन, मथुरा, कुशीनगर, नैमिषारण्य, अयोध्या, झांसी, चित्रकूट, सारनाथ, दुधवा, चंद्रप्रभा, महोबा, चुनार, देवगढ़ सरकार की सूची में हैं .

लखनऊ और वाराणसी से तो देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों और विदेशी गंतव्यों के लिए उडानें थीं लेकिन अब गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज और आगरा से भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, प्रदेश की राजधानी लखनऊ, बेंगलुरू, कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों के लिए उडानें शुरू हो गयी हैं .

प्रवक्ता ने कहा, 'प्रदेश सरकार... सब उड़ें सब जुड़ें ... का सपना साकार करने में जुटी हुई है .
 

DO NOT MISS