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आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, अलगाववादी नेता यासीन मलिक के संगठन JKLF पर लगाया बैन

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

नयी दिल्ली - केंद्र ने यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) को शुक्रवार को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संगठन पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को कथित तौर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि संगठन को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इसके प्रमुख यासीन मलिक गिरफ्तार हैं और फिलहाल वह जम्मू की कोट बलवल जेल में बंद हैं।

यह जम्मू-कश्मीर में दूसरा संगठन है जिसे इस महीने प्रतिबंधित किया गया है। इससे पहले, केंद्र ने जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर प्रतिबंध लगा दिया था। 

इसकी जानकारी केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने बताया कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम 1967 के तहत जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट को गैरकानूनी असोसिएशन घोषित किया । यह कदम केंद्र सरकार द्वारा आतंककवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत उठाया गया है।

गृह सचिव ने आगे कहा कि यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू- कश्मीर लिबरेशन फ्रंटड ने घाटी में अलगाववादी विचारधारा को हवा दी और यह 1988 से हिंसा और अलगववादी गतिविधियों में सबसे आगे रहा है। राजीव गौबा ने बताया कि जम्मू और कश्मीर पुलिस के द्वारा JKLF के खिलाफ 37 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सीबीआई ने भी दो केस दर्ज किए जिसमें से एक IAF जवान की हत्या का मामला भी शामिल है। 

आपको बता दें कि JKLF पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगता रहा है। यासीन मलिक पर आरोप है कि 1994 से भारत विरोधी गतिविधियां चलाते थे। वह देश के पासपोर्ट पर पाकिस्तान जाते और वहां पर देश वरिधों गतिविधियों में लिप्त रहते थे।  

याद दिला दें पिछले दिनों पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने यासीन मलिक समेत सभी अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली थी।  अब एक बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने JKLF को बैन कर दिया है। 

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