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बलात्कार पर राहुल के कथित बयान को लेकर लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही बाधित

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:


कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की बलात्कार पर कथित टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को लोकसभा में भाजपा सदस्यों ने उनसे माफी की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस मुद्दे पर सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे कार्यवाही पुन: आरंभ होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को माफी मांगनी चाहिए और ऐसे बयान देने वाले को इस सदन का सदस्य रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि गांधी के बयान से यह सदन और पूरा देश आहत हुआ है। इस दौरान सदन में राहुल गांधी मौजूद थे।

सदन में नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12.15 बजे के तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल आरंभ होने के साथ ही भाजपा की कई महिला सदस्य अपने स्थान पर खड़ी हो गईं और राहुल गांधी से माफी की मांग करने लगीं।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पहली बार किसी नेता ने इस तरह का बयान दिया है। यह भारत की महिलाओं और देश का अपमान है। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित भाजपा के कई अन्य मंत्रियों और सदस्यों ने भी राहुल गांधी से माफी की मांग की।

इस दौरान कांग्रेस सदस्य भी नारेबाजी कर रहे थे और पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी यह शिकायत करते नजर आए कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। दोनों पक्षों की नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से सीटों पर जाने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया।

हालांकि हंगामा थमता नहीं देख लगभग 11:30 बजे उन्होंने सदन की बैठक को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

वहीं संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिये स्थगित कर दी गई।

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत 18 नवंबर को हुई थी और यह आज 13 दिसंबर तक निर्धारित थी। सत्र के अंतिम दिन लोकसभा में भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की बलात्कार मामलों पर कथित टिप्पणी को लेकर भारी हंगामा किया और उनसे माफी की मांग की। सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सत्र के दौरान सदन की 20 बैठकें हुई, जो 130 घंटे 45 मिनट चलीं। वर्ष 2019..20 के लिये अनुदान की अनुपूरक मांगों पर 5 घंटे और 5 मिनट चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान 18 सरकारी विधेयक पुन:स्थापित हुए और कुल मिलाकर 14 विधेयक पारित हुए।

बिरला ने कहा कि 140 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिये गए और औसतन प्रतिदिन लगभग 7.36 प्रश्नों के उत्तर दिये गए। इसके अलावा प्रतिदिन 20.42 अनुपूरक प्रश्नों के उत्तर दिये गए। प्रतिदिन औसतन 58.37 मामले उठाये गए। नियम 377 के अधीन कुल 364 मामले उठाए गए।

स्पीकर ने कहा, ‘‘इस प्रकार से सभा की उत्पादकता 115 प्रतिशत दर्ज की गई।’’ लोकसभा अध्यक्ष के वक्तव्य के बाद सदन में ‘वंदे मातरम’ की धुन बजाई गई। जिसके बाद सभा की बैठक अनिश्चित काल के लिये स्थगित कर दी गई ।

अध्यक्ष बिरला जब वक्तव्य पढ़ रहे थे तब कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर ‘वी वांट जस्टिस’ और ‘उन्नाव का क्या हुआ’ जैसे नारे लगा रहे थे।

इससे पहले, शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल आरंभ होने के साथ ही भाजपा की कई महिला सदस्य अपने स्थान पर खड़ी हो गईं और राहुल गांधी से बलात्कार मामले को लेकर उनकी कथित टिप्पणी के लिये माफी की मांग करने लगीं।

स्पीकर ने 18 साल पहले संसद पर हुए हमले की घटना का जिक्र किया और सदन ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पहली बार किसी नेता ने इस तरह का बयान दिया है। यह भारत की महिलाओं और देश का अपमान है। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।

इसके कारण लोकसभा की कार्रवाई 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे कार्यवाही पुन: आरंभ होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को माफी मांगनी चाहिए और ऐसे बयान देने वाले को इस सदन का सदस्य रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

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