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महाराष्ट्र में किसके साथ खड़े हैं राज ठाकरे, MNS के इकलौते MLA ने बहुमत परीक्षण के दौरान किया साफ

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

उद्धव ठाकरे नीत ‘शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस’ गठबंधन की ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ सरकार ने राज्य विधानसभा में शनिवार को विश्वासमत हासिल कर लिया। राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में विधायकों की गिनती शुरू होने से पहले भाजपा अपने 105 विधायकों के साथ वाकआउट कर गई।

विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य की राजनीति में बड़े उल्टफेर हुए, जैसे विपरीत विचारधाराओं पर चलने का दावा करने वाली पार्टी का एक साथ गठबंधन में आना , कई राजनीतिक पंडितों को हैरत में डाला गया। लेकिन सबसे दिलचस्प यह देखना था कि कभी शिवसेना के प्रमुख चेहरों में गिने जाने वाले और राजनीतिक कारणों के चलते अगल पार्टी (महाराष्ट्र नवनिर्मण सेना)  बनाने वाले उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे विधानसभा में किसके साथ दिखाई देते हैं। हालांकि राज ठाकरे की पार्टी से सिर्फ एक ही उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचा, लेकिन सबकी निगाहें इस बात पर ठिकी थी।

राज ठाकरे के नेतृत्व वाले मनसे के एकमात्र विधायक प्रमोद पाटिल ने किसी भी पक्ष में मतदान नहीं करने का फैसला किया। बता दें, पाटिल ने शिवसेना के रमेश म्हात्रे को 3,000 मतों से हराकर कल्याण ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र जीता था। पाटिल के अलावा एआईएमआईएम के दो विधायक और माकपा के एकमात्र विधायक भी किसी के पक्ष में मतदान नहीं किया।

 

उद्धव ठाकरे नीत सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वासमत हासिल किया

कुल 169 विधायकों ने विश्वासमत के समर्थन में वोट डाला। विश्वासमत प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने पेश किया, जिसका राकांपा और शिवसेना के सदस्यों ने समर्थन किया।

विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) दिलीप वाल्से पाटिल ने सदन को बताया कि चार विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इन विधायकों में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) से दो विधायक, माकपा के एक विधायक और उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे नीत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का एक विधायक शामिल हैं।

भाजपा ने दावा किया कि शक्ति परीक्षण से पहले विधानसभा में कामकाज किया जाना संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है और पार्टी ने सदन से वाकआउट किया।


पार्टी ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के समक्ष उठाएगी। भाजपा विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी के विधायक कालिदास कोलाम्बकर को हटा कर राकांपा के दिलीप वाल्से पाटिल को प्रोटेम स्पीकर बनाये जाने पर आपत्ति जताई।

उन्होंने सदन में कहा कि इस तरह का कार्य भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है क्योंकि शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन सदन में विश्वास मत हारने को लेकर डरी हुई थी।



 

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