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व्हाइट हाउस ने कहा महाभियोग की जांच में सहयेाग नहीं करेंगे ट्रंप

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

व्हाइट हाउस ने कहा है कि डेमोक्रेट सदस्यों द्वारा महाभियोग की जांच में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहयोग नहीं करेंगे। उसने कहा कि विपक्ष के ये प्रयास असंवैधानिक हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पलटने का प्रयास है।

संवाददाताओं से बातचीत में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रिशम ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की जांच पूरी तरह राजनीतिक है।

उन्होंने कहा, ‘‘ राष्ट्रपति ने कुछ भी गलत नहीं किया है और डेमोक्रेट भी यह जानते हैं। पूरी तरह से सियासी कारणों से डेमोक्रेट सांसदों ने 2016 के चुनाव के नतीजों को पलटने का तय किया है ताकि वह हर अमेरिकी को प्राप्त बुनियादी अधिकारों की उपेक्षा करते हुए तथाकथित महाभियोग की जांच कर सकें। ’’

व्हाइट हाउस ने प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट नेताओं को पत्र भेजकर ट्रंप प्रशासन के इस निर्णय से अवगत करवा दिया है।

इसके बाद ग्रिशम ने कहा, ‘‘ यह पक्षपातपूर्ण कार्रवाई संविधान के लिए अपमानजनक है क्योंकि ये कार्रवाई बंद कमरे में हो रही है और इसमें राष्ट्रपति को गवाह बुलाने की, गवाहों से जिरह की इजाजत नहीं दी गई। उन्हें सबूत नहीं दिखाए गए। इसके अलावा कई बुनियादी अधिकारों से उन्हें वंचित रखा गया।

आरोप है कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से 25 जुलाई को टेलीफोन पर हुई बातचीत में डेमोक्रेटिक पार्टी से अपने प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन के खिलाफ जांच करने को कहा था।

अमेरिकी प्रतिनिधिसभा में डेमोक्रेट सदस्य अब यह देख रहे हैं कि क्या यह ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने का आधार बन सकता है।

व्हाइट हाउस के अधिवक्ता पेट सिपोलोन ने राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ आरोपों को खारिज कर दिया और इन्हें निराधार तथा असंवैधानिक बताया।

पत्र पर आठ अक्टूबर की तारीख दर्ज है और इसकी एक प्रति मीडिया के लिए जारी की गई है।

पत्र में उन्होंने कहा, ‘‘ आपकी गतिविधियों ने राष्ट्रपति के पास कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। अमेरिकी जनता, संविधान आदि के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और उनका प्रशासन इन परिस्थितियों में आपकी पक्षपातपूर्ण तथा असंवैधानिक जांच में शामिल नहीं हो सकते हैं।’’

सिपोलोन ने कहा कि ट्रंप का पूरा ध्यान अमेरिकी जनता से किए वादों को पूरा करने पर है।

प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि प्रतिनिधि सभा सदन में मतदान करवाए बगैर राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की तैयारी कर रही है।

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