"> ">

General News

RSS ने पूछा- 'जब पटेल की प्रतिमा बन सकती है तो राम मंदिर के लिए क्यों नहीं कानून पारित हो सकता'

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरएसएस ने रविवार को सवाल उठाया कि जब गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा बन सकती है तो अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून पारित क्यों नहीं हो सकता .

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबाले ने मुंबई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने एक अलग पीठ का गठन किया है जो अयोध्या भूमि मालिकाना हक मामले की सुनवाई कर रही है, लेकिन इस लंबित मुद्दे पर अब तक कोई फैसला नहीं किया गया है .

संघ के सह - सरकार्यवाह होसबाले ने सवाल किया, ‘‘अगर (गुजरात में) नर्मदा नदी के तट पर सरदार पटेल की प्रतिमा बन सकती है तो भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए कोई कानून पारित क्यों नहीं हो सकता?’’

उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और कुछ क्षेत्रीय धार्मिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयेाजित एक सभा को यहां संबोधित किया, जिसका आयोजन राम मंदिर के यथाशीघ्र निर्माण के लिए केन्द्र पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया था .

बता दें, शनिवार को राम मंदिर निर्माण को लेकरराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)'संकल्प रथ यात्रा' का आगाज किया था. इस दौरान भारी संख्या में कारसेवक रथयात्रा में शामिल हुए किया था और तय 3 दिसंबर 2018  यानि सोमवार को दिल्ली के युमना नगर होते हुए आगे का रास्ता तय करेगी और 9 दिसंबर की शाम ये विशाल सभा रामलीला मैदान पहुंचेगी.  

संघ की इस रथ यात्रा का मकसद राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों का समर्थन जुटाना है. गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद और संत समाज पहले से ही इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं. 25 नवंबर को दोनों की ओर से अयोध्या में धर्म सभा भी बुलाई गई थी.

संघ द्वारा निकाली जा रही इस रथ यात्रा को 'संकल्प रथ यात्रा' नाम दिया गया है. रथ यात्रा की जिम्मेदारी संघ के सहयोगी संगठन 'स्वदेशी जागरण मंच' को दी गई है. संघ के प्रांत संघचालक कुलभूषण आहूजा ने दिल्ली के झंडेवालान मंदिर से हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की है.

आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिसद और संत समाज की ओर से लगातार मोदी सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है कि सरकार तुरंत कानून बनाकर राम मंदिर का निर्माण करें. सरकार से मांग की जा रही है कि अध्यादेश लाकर या कानून बनाकर इसका हल निकाला जाए.

DO NOT MISS