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'भारत माता की जय' नारे को लेकर हो रही राजनीति पर क्या हैं अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

भारत माता का मुद्दा अब केवल देशभक्ति का मुद्दा नहीं रहा अब ये पूरी तरह से सियासी मुद्दा बन गया है और इसीलिए अमित शाह के बयान और सोनाली फोगाट की टिप्पणी ने मामले को सियासी रंग दे दिया है। दरअसल, इसकी शुरुआत जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में नारेबाजी से हुई थी। जब देश-विरोधी ताकतों ने देश के खिलाफ खुलेआम नारे लगाए थे जिसे बीजेपी ने चुनावी कैंपेन में बदल दिया और कांग्रेस की लुटिया डूब गई।

दरअसल अमित शाह हरियाणा के कैथल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे गाली दीजिए, पीएम को गाली दीजिए, एमपी को गाली दीजिए, एमएलए को गाली दाजिए चलेगा  लेकिन भारत माता को गाली दोग नहीं चलेगा बिल्कुल नहीं चलेगा। गाली दोगे तो जेल भेज देंगे। मैं पूछता हूं इसमें गलत क्या है भारत माता यानी अपने देश अपने वतन, अपने राष्ट्र, अपने मुल्क, अपने हिन्दुस्तान , अपनी पहचान उसे गाली देने का हक किसने दिया है।

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यानि साफ था कि अमित शाह का निशाना देश के खिलाफ बोलने वालो पर था। दरअसल  गृह मंत्री 2016 के जेएनयू देशद्रोह मामले का जिक्र कर रहे थे, जिसमें देश के खिलाफ नारे जैसे कुख्यात 'भारत के टुकड़े-टुकड़े होंगे' नारे लगाए गए थे क्योंकि छात्रों ने 2001 के संसद हमले के मास्टरमाइंड गजल गुरु की फांसी का विरोध किया था।

इस मुद्दे पर क्या हैं अर्नब गोस्वामी के विचार

हमारी पहचान क्या है, आप सबका जवाब होगा भारतीय। हम देश से बाहर कहीं बाहर जाते हैं तो कहते हैं कि हम भारत से आए हैं। इसका मतलब हमारी सबसे बड़ी पहचान हमारा देश है। क्या आप अपनी पहचान को गाली देंगे? क्या आप कहेंगे कि हमें भारतीय होने पर गर्व नहीं है? दुनिया का ऐसा कोई देश नहीं कि जो अपने देश को माता कहता हो लेकिन हम कहते हैं 'भारत माता' इसका मतलब ये है कि इस देश ने हमें जन्म दिया है। क्या जिसने आपको जन्म दिया है उसकी जय नहीं बोल सकते? क्या आप अपनी माता का अपमान करेंगे, फिर कुछ लोगों को भारत माता की जय कहने में तकलीफ क्यों होती है। कुछ लोग देश का विरोध करने में अपनी शान क्यों समझते हैं। जो लोग भारत में रहकर भी देश के खिलाफ सोचते हैं।

देशभक्ति की सियासत से बीजेपी को फायदा

अब ऐसे में मोदी सरकार के लिए दोनों हाथ में लड्डू नज़र आ रहा है चुनाव के मौके पर विपक्ष बेनकाब हो रहा है और बीजेपी की देशभक्ति की सियासत उसे खूब भा रही है तो आखिर बीजेपी देशभक्ति की सियासत क्यों ना करे इतना ही नहीं, भारत-पाकिस्तान रिश्ते पर सियासी फायदे के लिए विपक्ष की देश-विरोधी बयानबाजी और जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 हटने के बाद विपक्ष की सियासत ने भी उसे नया हथियार दे दि

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