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CM योगी की गन्ना किसानों को सलाह, 'गन्ने से होती है डायबिटीज, अन्य फसलों को भी उगाए'

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को सुझाव देते हुए कहा है कि वो गन्ने की फसल की जगह कोई और फसल लगाए क्योंकि गन्ने से मधुमेह (डायबिटीज) होता है. बता दें, योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को 154 किलोमीटर के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के उद्घाटन के दौरान ये बात कही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''आप लोग गन्ने की फसल लगाने के अलावा कोई अन्य फसल लगाए. गन्ने की फसल ज्यादा होने पर उसका सेवन भी ज्यादा होता है जिसके कारण डायबिटीज हो सकती है. सब्जियों को भी उगाए.. जिसका दिल्ली में बहुत बड़ा मार्केट है. आप लोग इन दिनों गन्ने का काफी उत्पादन कर रहे हैं.'' 

योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार के द्वारा 26000 करोड़ रुपए की गन्ना बकाया राशि को मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा, ''हमने इस साल गन्ना किसानों को 26 हजार करोड़ का भुकतान किया है. बाकि की 10 हजार करोड़ जल्द ही शुगर मिल के द्वारा भुगतान किया जाएगा.''

वहीं इससे पहले सोमवार को रोड ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी ने भी किसानों से आग्रह किया था कि वो इथेनॉल बनाने पर काम करें और इसे पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करें. दुर्ग में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि "हम  8 लाख करोड़ मूल्य का ईंधन आयात करते हैं, इसके अलावा रुपया डॉलर के मुकाबले गिरावट देखी जा रही है. मैं पिछले 15 साल से किसानों और आदिवासियों से जैव ईंधन बनाने पर काम करने को कह रहा हूं. हमारी नई प्रौद्योगिकी इथेनॉल पर वाहन चला सकते हैं. "

नितिन गडकरी ने ये भी कहा था कि पेट्रोलियम मंत्रालय देश में पांच इथेनॉल बनाने वाले संयंत्र स्थापित कर रहा है. "इथेनॉल को लकड़ी के उत्पादों और नगर निगम के कचरे से बनाया जाएगा. डीजल 50 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध होगा और विकल्प के रूप में पेट्रोल 55 रु पर प्रति लीटर पर उपलब्ध होगा," 

तेल के बढ़ते दामों को लेकर नितिन गडकरी ने किसानों से इथेनॉल बनाने के लिए कहा था. बता दें, इस दौरान देश में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. इस मुद्दे को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार केंद्र सरकार को घेर रही है. 

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