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SUPER EXCLUSIVE- अयोध्या में नरसंहार पर सबसे बड़े खुलासे के बाद CM योगी ने कहा - 'तथ्य मिलने पर आवश्य जांच कराएंगे'

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

रिपब्लिक भारत लॉन्च होते ही SUPER EXCLUSIVE इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट की जिसमें अयोध्या विवाद से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा किया गया। रिपब्लिक भारत के खुफिया कैमरे के सामने इलाके के तत्कालीन पुलिस अधिकारी ने कबूला कि अयोध्या गोलीकांड में मारे गए कारसेवकों की लाशों को रोजाना 10 से 15 की संख्या दफनाया जाता था। 

खुलासे के एक दिन बाद रिपब्लिक भारत के ऐडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यानाथ ने कहा कि, ''कोई भी तथ्य हमारे सामने लाए जाएगें, उस पर हम अवश्य जांच कराएंगे. तथ्यों के आधार पर कोई भी कार्रवाई आगे बढ़ाने में और प्रदेश के जनता को न्याय दिलवाने के लिए जब भी आवश्यकता पड़ेगी हमारी सरकार उस प्रकार की कदम उठाएगी। ''

दरअसल 30 अक्टूबर 1990 को लाखों कारसेवकों पर गोलियां चलवाकर उस वक्त मानवता का खून कर दिया गया था। तत्कालीन SHO वीबी सिंह ने कई चौंका देने वाली बात सामने रखी। रिपब्लिक भारत के इस खुलासे से हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई। इस बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने जांच की बात कही।

स्टिंग ऑपरेशन के जरिए सन्न कर देने वाले सबसे बड़े खुलासे में अयोध्या के गोलीकांड का सबसे बड़ा सच सामने आ चुका है। ये साफ हो चुका है कि ये कोई गोलीकांड नहीं, बल्कि कारसेवकों का नरसंहार था। एक के बाद एक प्रतिक्रिया आने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

बता दें, साल 1990 के दशक अयोध्या चलो के आह्वान पर अयोध्या पहुंचे लाखों कारसेवकों ने राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अयोध्या पहुंचे थे। 30 अक्टूबर 1990 को लाखों कारसेवकों पर गोलियां चलवाकर उस वक्त मानवता का खून कर दिया गया था। 

 गौरतलब है कि इससे पहले ही 25 सितंबर 1990 को बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने गुजरात के सोमनाथ से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक रथ यात्रा निकाली थी। गोलीकांड के बाद नवंबर 1990 को आडवाणी को बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद बीजेपी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।

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कारसेवकों के नरसंहार पर रिपब्लिक भारत के सबसे बड़े खुलासे के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह सवालों के कटघरे में हैं। इसे लेकर हर कोई लगातार अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है लेकिन कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अभी तक अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है। रिपब्लिक भारत की पत्रकार ने प्रयागराज में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से बात करने की कोशिश की। हालांकि उन्होंने चुप्पी साधी रही और वहां से भाग गए।
 

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