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उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट केस: ड्राइवर और क्लीनर का नार्को कराने की अदालत ने दी इजाजत

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सुब्रत पाठक ने शुक्रवार को सीबीआई को उस ड्राइवर और क्लीनर का नार्को, ब्रेन मैपिंग और ब्रेन फिंगर प्रिंटिंग टेस्ट करने की अनुमति दे दी, जो उन्नाव बलात्कार पीडिता की कार को टक्कर मारने वाले ट्रक पर सवार थे।

अदालत ने 14 अगस्त शाम चार बजे तक सीबीआई को दोनों आरोपियों को रिमांड पर भेजने का निर्देश दिया ।

अदालत ने सीबीआई के उपाधीक्षक राम सिंह की ओर से दाखिल अर्जी पर उक्त आदेश दिया ।

ड्राइवर आशीष कुमार पाल और क्लीनर मोहन श्रीवास ने अदालत के समक्ष टेस्ट कराने की सहमति दे दी ।

उन्नाव बलात्कार पीडिता जिस कार पर सवार थी, उसे रायबरेली में सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी । हादसे में पीडिता की चाची और मौसी की मौत हो गयी जबकि स्वयं पीडिता और उसके वकील गंभीर रूप से जख्मी हो गये ।दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह उन्नाव बलात्कार पीड़िता के परिजनों के रहने और खाने की व्यवस्था करे । पीड़िता अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत नाजुक है।

जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विश्राम सदन के शासी निकाय को निर्देश दिया कि वह उन्नाव बलात्कार पीड़िता के परिजनों को कम से कम दो कमरे और तीन बार का खाना उपलब्ध कराये ।

अदालत ने कहा कि इस सुविधा का खर्च केंद्रीय जांच ब्यूरो उठाएगा जो 28 जुलाई को राय बरेली में हुए हादसे की जांच कर रहा है । इस हादसे में बलात्कार पीड़िता और उसका अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गये थे जबकि उसके दो महिला रिश्तेदारों का निधन हो गया था ।

अदालत ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि इस आदेश का सख्ती से अनुपालन किया जाए । ऐसा करने में विफल रहने पर शासी निकाय के सदस्य, या प्रबंधक इस अदालत की कार्यवाही की अवमानना का सामना करेंगे।’’ 

पीड़िता के अधिवक्ताओं धर्मेंद्र मिश्र एवं पूनम कौशिक ने अदालत को बताया कि पीड़िता के परिवार को केवल एक कमरा दिया गया है जहां बच्चों समेत सात सदस्य रह रहे हैं । इसके बाद अदालत का यह आदेश आया है ।


 

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