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उन्नाव बलात्कार मामले को उन्नाव से बाहर स्थानांतरित करेगा न्यायालय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

 उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि वह भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की संलिप्तता वाले बलात्कार मामले को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से बाहर स्थानांतरित करेगा।

न्यायालय ने सीबीआई के किसी ‘‘जिम्मेदार’’ अधिकारी को दोपहर 12 बजे तक पेश होकर इस मामले में अब तक हुई जांच की जानकारी देने को भी कहा।

शीर्ष अदालत ने सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की यह याचिका खारिज कर दी कि मामले की सुनवाई शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे तक के लिए स्थगित की जाए क्योंकि उन्नाव मामलों की जांच कर रहे अधिकारी दिल्ली से बाहर हैं।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने मेहता की दलील खारिज करते हुए कहा कि सीबीआई निदेशक टेलीफोन पर मामलों की जानकारी ले सकते हैं और पीठ को बृहस्पतिवार को इससे अवगत करा सकते हैं।

पीठ ने मेहता को निर्देश दिया कि वह उसके समक्ष दोहपर 12 बजे तक एक ऐसे जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी सुनिश्चित करे जो बलात्कार मामले और इसके बाद हुई दुर्घटना के मामले में अब तक हुई जांच की जानकारी मुहैया कराए।

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस भी इस पीठ के सदस्य हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हम सभी मामलों को स्थानांतरित करने जा रहे हैं। हम इस संबंध में आदेश पारित करेंगे।’’ 

शीर्ष अदालत ने कहा कि दोनों मामले सीबीआई को हस्तांतरित कर दिए गए हैं, इसलिए वह किसी जिम्मेदार सीबीआई अधिकारी से जानकारी हासिल करने के पश्चात दिन में बाद में आदेश पारित करेगा।

गौरतलब है कि न्यायालय ने बलात्कार पीड़िता द्वारा सीजेआई को लिखे पत्र पर बुधवार को संज्ञान लिया था और अपने सेक्रेटरी जनरल से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी कि इस पत्र को 17 जुलाई से अब तक उनके संज्ञान में क्यों नहीं लाया गया।

इधर पीड़िता की बात करें तो अभी भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती पीड़िता जीवन और मौत से संघर्ष कर रही है। वही ट्रामा सेंटर मौजुद डॉक्टर लगातार पीड़िता पर निगरानी बनाए हुए है और इलाज की हर संभव कोशिश की जा रही है।

( इनपटु-भाषा से भी )

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