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UNSC में पाकिस्तान, चीन को बड़ा झटका, भारत के साथ खड़ा हुआ रूस: कहा - द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाया जाए मामला

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद  में चीन की मांग पर कश्मीर मुद्दे पर चर्चा खत्म हो गई है।  बंद कमरे में हो रही UNSC की बैठक में रूस ने पाकिस्तान और चीन को लताड़ लगाते हुए भारत के साथ खड़ा हुआ। रूस  ने कश्मीर को लेकर सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत का समर्थन किया है। वहीं रूस के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन ने भी भारत का समर्थन किया है।

यूएन में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कह अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मुद्दा है। कश्मीर का इतिहास दुनिया जानती है। हम अपनी नीति में हमेशा की तरह कायम है।  

इस मुद्दे पर चीन के कहा कि भारत ने जो संवैधानिक संशोधन किया है उससे मौजूदा स्थिति बदल गई है। कश्मीर में हालात चिंताजनक हैं कोई पक्ष एकतरफा कार्रवाई न करे। 

बता दें सुरक्षा परिषद के मौजूदा अध्यक्ष पोलैंड ने इस मुद्दे को चर्चा के लिए सूचीबद्ध किए जाने की जानकारी दी। इस बैठक में सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी सदस्य और 10 अस्थायी सदस्यों ने भाग लिया।

वहीं UNSC में रूस ने कश्मीर को लेकर चीन को लताड़ लगाते हुए भारत के पक्ष में है।  रूस ने कश्मीर को लेकर सिर्फ द्विपक्षीय वार्ता का समर्थन किया है।

 बता दें कि UNSC में  चीन ने पाकिस्तान की मांग का समर्थन करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की थी। इससे पहले पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहा था । और खुले में वार्ता के लिए सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग थी। लेकिन उनकी एक भी दलील में दम नहीं होने की वजह से जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नकार दिया था। उसका इस मुद्दे पर सिर्फ चीन ही साथ दे रहा है। ये पहला मौका नहीं जब कश्मीर को लेकर यूएन में बैठक हो रही है। इससे पहले 1971 में इस मुद्दे पर एक बार बैठक हो हुई थी।  


याद दिला दें कि UNSC में सदस्यों की संख्या 15 है, इनमें अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल कुछ ही वर्षों का होता है, जबकि स्थायी सदस्य वही रहते हैं। UNSC में 5 स्थायी सदस्य और 10 अस्थायी सदस्य होते है।

UNSC में  स्थायी सदस्य
अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस. अस्थाई देशों में बेल्जियम, कोट डीवोएर, डोमिनिक रिपब्लिक, इक्वेटोरियल गुएनी, जर्मनी, इंडोनेशिया, कुवैत, पेरू, पोलैंड और साउथ अफ्रीका जैसे देश हैं.

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