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खिताब : दुनिया में सबसे तेजी से विकसित हो रहे 20 में से 17 शहर भारत के.. लिस्ट देखें

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

भारत एक के बाद एक दुनिया में अपने झंडे गाडता जा रहा है. रोजाना कोई न कोई खिताब भारत के नाम होता ही है. इस बीच वैश्विक आर्थिक शोध रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों में भारत का दबदबा रहेगा. आर्थिक विकास की सूची में शीर्ष शहरों की बात करें तो आगामी दो दशकों तक भारत का जलवा कायम रहेगा. जानकारी के अनुसार दुनिया के टॉप 20 में से 17 शहर हिंदुस्तान के रहेंगे. 

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की एक रिपोर्ट जो वैश्विक पूर्वानुमान और मात्रात्मक विश्लेषण करता है उसके मुताबिक जब भविष्य के सकल घरेलू उत्पाद की तुलना की जाएगी तो कहानी बहुत ज्यादा अलग होगी. इसके साथ ही 2019 से 2035 के बीच दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों की संख्या में 17 भारत से होंगे.

इस सूची में बेंगलूरू, हैदराबाद और चेन्नई सबसे मजबूत दावेदार होंगे. बता दें, दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते शहरों की लिस्ट में सूरत अव्वल पायदान पर रहेगा. इसके साथ ही इस सूची में आगरा दूसरे नंबर पर रहेगा, बेंगलुरू तीसरे और हैदराबाद चौथे नंपर पर होगा. इस सूची में पांचवे पायादन पर नागरपुर, छठे पर तिरुपुर, सातवें पर राजकोट, आठवें पर तिरुचिरापल्ली, नौवें पर चेन्नई व दसवें नंबर पर विजयवाड़ा रहेंगे.

शीर्ष 780 वैश्विक शहरों में पहले से ही सभी विश्व आर्थिक गतिविधियों का लगभग 60 प्रतिशत उत्पादन होता है और वे महत्व में बढ़ने के लिए तैयार हैं क्योंकि शहरीकरण जारी है.

9.17 प्रतिशत की अनुमानित वार्षिक वृद्धि दर के साथ सूरत 2019-35 के बीच दुनिया का सबसे तेज़ बढ़ता शहर है. सूरत के बाद, आगरा, बेंगलुरू, हैदराबाद दुनिया के शीर्ष दो, तीन और चौथे सबसे तेजी से बढ़ते शहरों के लिए 8.58 प्रतिशत, 8.50 प्रतिशत और 8.47 प्रतिशत की अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के साथ होने जा रहे हैं. नागपुर, त्रिपुरा, राजकोट, त्रिची, चेन्नई, विजयवाड़ा अन्य भारतीय शहर हैं जो दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ रहे शहरों की शीर्ष 10 सूची में शामिल हैं.

जबकि उन भारतीय शहरों में से कई में आर्थिक उत्पादन दुनिया के सबसे बड़े महानगरों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहेगा.  सभी एशियाई शहरों का कुल घरेलू उत्पाद 2027 में संयुक्त सभी अमेरिकी और यूरोपीय शहरी केंद्रों से अधिक होगा.  2035 तक चीनी शहरों से आने वाले सबसे बड़े योगदान के साथ 17 प्रतिशत सर्वाधिक होगा. अब और 2035 के बीच दुनिया के सबसे बड़े शहरों की सूची के शीर्ष पर थोड़ा बदलाव आएगा.

न्यूयॉर्क, टोक्यो, लॉस एंजिल्स और लंदन शंघाई और बीजिंग के रूप में अपने स्थानों बचाएंगे. 

गौरतलब है कि सूरत हीरा व्यापार और प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र है. यहां IT सेक्टर भी काफी ज्यादा मजबूत है. इसके साथ ही बेंगलूरू, हैदराबाद और चेन्नई को टेक्नोलॉजी का हब और वित्तिय कंपनियों का गढ़ माना जाता है. 

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